Monday, August 31, 2026
BREAKING
नेपाल की व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोग, बचाने में जुटी भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में विनाशकारी बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या 900 के पार; 4,247 लोग अब भी लापता बिश्केक में पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से हुई अहम मुलाकात अमेरिका-भारत निवेश साझेदारी को मिलेगा नया आयाम, CFIUS प्रक्रिया की समझ बढ़ाने पर जोर इजरायल-ग्रीस क्षेत्रीय चुनौतियों से मिलकर निपटेंगे, डिफेंस डील सील घर का खाना खाने के बाद भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, इन वजहों को न करें नजरअंदाज 'कोर्ट पर मेरा अनुभव बहुत बुरा था', यूएस ओपन से पहले ही राउंड में बाहर होने पर बोले जोकोविच दलीप ट्रॉफी: वैभव सूर्यवंशी का बल्ला गरजा, सेंट्रल जोन के खिलाफ खेली आतिशी पारी डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल: लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के साथ इंग्लैंड को हुआ एक पायदान का फायदा, पाकिस्तान की हालत खस्ता बाबर आजम ने बल्लेबाजों को ठहराया लॉर्ड्स टेस्ट की हार के लिए जिम्मेदार, बोले- हम मौके का फायदा नहीं उठा सके

दुनिया

इजरायल-ग्रीस क्षेत्रीय चुनौतियों से मिलकर निपटेंगे, डिफेंस डील सील

31 अगस्त, 2026 04:50 PM

तेल अवीव : इजरायल के इतिहास के सबसे बड़े रक्षा निर्यात समझौतों में से एक, 'अकिलीज शील्ड' समझौते पर सोमवार को इजरायल और ग्रीस ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत इजरायल, ग्रीस में एक मल्टी-लेयर्ड (कई परतों वाला) रक्षा प्रणाली स्थापित करेगा। इसमें इजरायली सिस्टम आर्किटेक्चर शामिल होगा, जिसमें राफेल के बनाए 'डेविड्स स्लिंग' और 'स्पाइडर' सिस्टम के अलावा इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) द्वारा बनाया गया 'बराक एमएक्स' सिस्टम शामिल हैं। इजरायली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल अमीर बारम और ग्रीक खरीद निदेशालय के प्रमुख यानिस बोरस ने लगभग तीन बिलियन यूरो (10 बिलियन एनआईएस यानी न्यू इजरायली शेकेल से अधिक) के इस बड़े रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, इजरायली तकनीक और सिस्टम पर आधारित एक व्यापक मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम ग्रीस के लिए स्थापित करेगा। यह सिस्टम युद्ध के दौरान रक्षा प्रतिष्ठान को मिले व्यापक ऑपरेशनल अनुभव पर भी आधारित होगा।


इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हस्ताक्षर समारोह तेल अवीव में आयोजित की गई। इसमें एसआईवीएटी के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल यायर कोलेस, रक्षा खुफिया एजेंसी के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल डैनी गोल्ड, राफेल के सीईओ योआव तुर्गेमैन, इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के सीईओ गाइ बार लेव, रक्षा खुफिया एजेंसी के वॉल डायरेक्टोरेट प्रमुख मोशे फट्टल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मंत्रालय ने कहा कि ग्रीस में 'अकिलीज शील्ड' के नाम से जाना जाने वाला यह कार्यक्रम देश के इतिहास के सबसे बड़े रक्षा समझौतों में से एक है। यह पहली बार है जब इजरायली रक्षा मंत्रालय बैलिस्टिक मिसाइलों और हवाई हमलों से लेकर दुश्मन के मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) तक, कई तरह के खतरों के खिलाफ एक संपूर्ण रक्षा प्रणाली प्रदान करेगा।
इजरायली रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 'अकिलीज शील्ड' समझौते में 'डेविड्स स्लिंग' सिस्टम शामिल है, जिसे रक्षा मंत्रालय के एमएपीएटी के "होमा" डायरेक्टोरेट के नेतृत्व में विकसित किया गया है, जिसमें राफेल मुख्य डेवलपर है।


इसमें आईएआई एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज का बनाया 'बराक एमएक्स' सिस्टम; राफेल निर्मित 'स्पाइडर' सिस्टम; आईएआई एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के एल्टा डिवीजन निर्मित एयर कंट्रोल के लिए एमएमआर मल्टी-मिशन रडार; और एक नया राष्ट्रीय कमांड और कंट्रोल सिस्टम शामिल है, जो सभी एयर डिफेंस क्षमताओं को एक जगह केंद्रित करेगा और इसे राफेल के नेतृत्व में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा, बैठक के दौरान एक और अतिरिक्त डील साइन की गई। यह डील 26 मिलियन यूरो (लगभग 92 मिलियन एनआईएस) की थी, जिसके तहत रणनीतिक जगहों पर ड्रोन से सुरक्षा और मौजूदा डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए राफेल के 'ड्रोन डोम' सिस्टम बेचे जाएंगे।


इजरायल औद्योगिक-सुरक्षा सहयोग भी बढ़ाएगा, जिसमें स्थानीय ग्रीक इंडस्ट्री को जानकारी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करना शामिल है।
इजरायली सरकार ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इजरायल और ग्रीस के बीच सुरक्षा सहयोग में एक और अहम पड़ाव है; ग्रीस, पूर्वी भूमध्य सागर में इजरायल का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। सरकार ने कहा कि पिछले दशक में अपने सबसे बड़े एयर डिफेंस प्रोग्राम के लिए ग्रीस का इजरायली टेक्नोलॉजी को चुनना दोनों देशों के बीच बने गहरे भरोसे को दिखाता है।
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा, "कुछ महीने पहले ग्रीस के रक्षा मंत्री डेंडियास के मेहमान के तौर पर मेरी ग्रीस यात्रा, इजरायल और ग्रीस के बीच रणनीतिक संबंधों की गहराई और इसे और मजबूत करने के हमारे साझा संकल्प का एक और सबूत थी। बैठक में, हमने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। इजरायल और ग्रीस के रणनीतिक हित एक जैसे हैं और वे एक जैसी क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जब वर्चस्व की चाहत रखने वाले तत्व अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं, इजरायल और ग्रीस अपने सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करना जारी रखेंगे, और स्थिरता बनाए रखने तथा अपनी सुरक्षा और साझा हितों को मजबूत करने के लिए दृढ़ता से काम करेंगे।"

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

नेपाल की व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोग, बचाने में जुटी भारतीय टनल रेस्क्यू टीम

नेपाल की व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोग, बचाने में जुटी भारतीय टनल रेस्क्यू टीम

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या 900 के पार; 4,247 लोग अब भी लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या 900 के पार; 4,247 लोग अब भी लापता

बिश्केक में पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से हुई अहम मुलाकात

बिश्केक में पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से हुई अहम मुलाकात

अमेरिका-भारत निवेश साझेदारी को मिलेगा नया आयाम, CFIUS प्रक्रिया की समझ बढ़ाने पर जोर

अमेरिका-भारत निवेश साझेदारी को मिलेगा नया आयाम, CFIUS प्रक्रिया की समझ बढ़ाने पर जोर

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया

नेपाल बाढ़ के पांच दिन बाद: मृतकों की संख्या 734, अब भी 2,498 लापता

नेपाल बाढ़ के पांच दिन बाद: मृतकों की संख्या 734, अब भी 2,498 लापता

एक और झील फटने की आशंका के चलते नेपाल में बाढ़ की चेतावनी जारी, भोटेकोसी नदी का जलस्‍तर बढ़ा

एक और झील फटने की आशंका के चलते नेपाल में बाढ़ की चेतावनी जारी, भोटेकोसी नदी का जलस्‍तर बढ़ा

नेपाल आपदा के बीच डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाया मदद का दायरा, 150,000 डॉलर की सहायता राशि जारी

नेपाल आपदा के बीच डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाया मदद का दायरा, 150,000 डॉलर की सहायता राशि जारी

एच-1बी ग्रेस पीरियड खत्म करने के प्रस्ताव की समीक्षा पूरी, भारतीय परिवारों पर पड़ सकता है असर

एच-1बी ग्रेस पीरियड खत्म करने के प्रस्ताव की समीक्षा पूरी, भारतीय परिवारों पर पड़ सकता है असर

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 616, सरकार अंतरराष्ट्रीय मदद लेने के लिए सहमत

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 616, सरकार अंतरराष्ट्रीय मदद लेने के लिए सहमत