Wednesday, September 02, 2026
BREAKING
आर्थिक बर्बादी के भंवर में फंसा ईरान, होर्मुज स्‍ट्रेट पर उसका न‍ियंत्रण नहीं: अमेरिकी वित्त मंत्री पाकिस्तान: जेल प्रशासन ने एक बार फिर इमरान खान से बहनों को मिलने नहीं दिया जी20 बैठक के बीच भारत-अमेरिका में बड़ी सहमति, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन पर साथ करेंगे काम ईरान को बातचीत की मेज पर लाना मकसद नहीं, बड़े संकट को टालना है: ट्रंप अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने शुरू की कार्रवाई, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को बनाया न‍िशाना एम्स के अध्ययन में चौंकाने वाले आंकड़े: 38.6% वयस्क और 35.4% बच्चे फैटी लिवर से प्रभावित एक पैर पर खड़े होकर करें ये आसान योगासन, शरीर के साथ मन भी रहेगा स्थिर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला; निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला चीन ने व्यापार असंतुलन से जुड़े प्रस्तावों पर जी20 की आम सहमति को रोका बिना कीमत बढ़ाए अपडेट हुई Kawasaki Ninja 500, नए मॉडल ईयर के साथ बुकिंग शुरू

दुनिया

आर्थिक बर्बादी के भंवर में फंसा ईरान, होर्मुज स्‍ट्रेट पर उसका न‍ियंत्रण नहीं: अमेरिकी वित्त मंत्री

02 सितंबर, 2026 02:12 PM

एशविले : अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान आर्थिक रूप से ‘मौत के भंवर’ में फंस गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव और सैन्य कार्रवाई का असर अंततः ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करेगा। जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद एशविल में पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण है और उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा क‍ि ईरान का होर्मुज स्‍ट्रेट पर नियंत्रण नहीं है और वह आर्थिक रूप से गंभीर संकट में है। होर्मुज स्‍ट्रेट पर हमारा नियंत्रण है।


बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी सेना के सीमित हमलों में उन रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया जिन्हें ईरान होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में लगभग 17 मिलियन बैरल कच्चा तेल इस जलमार्ग से होकर गुजरा।
बेसेंट का कहना था कि आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरानी सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और इसी वजह से वह सैन्य कदम उठा रही है। वे घबराए हुए हैं। आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण वे सैन्य कार्रवाई का सहारा ले रहे हैं।


उन्होंने ईरान में ईंधन की कमी और लंबी कतारों का भी जिक्र किया और कहा कि दुनिया के बड़े ऊर्जा संसाधनों वाले देशों में शामिल होने के बावजूद ईरान कठिनाइयों का सामना कर रहा है।
बेसेंट ने कहा कि ईरानी नेतृत्व पर दबाव तीन में से एक नतीजा दे सकता है: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के भीतर फूट, जनता का विरोध या वाशिंगटन के साथ बातचीत।
उन्होंने कहा क‍ि किसी समय ऐसा होगा जब या तो आईआरजीसी के लोग आपस में बंट जाएंगे या जनता उनके खिलाफ हो जाएगी, या वे बातचीत की मेज पर आकर ऐसा समझौता करना चाहेंगे जिसका पालन किया जा सके।


बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान की डॉलर तक पहुंच सीमित करने और उन वित्तीय रास्तों को रोकने की कोशिश कर रहा है जिनके जरिए ईरान चीनी मुद्रा रेनमिनबी (आरएमबी) में प्राप्त भुगतान को दूसरी मुद्राओं में बदलता है।
उन्होंने कहा क‍ि चीन ईरान को आरएमबी में भुगतान करता है और यह राशि खाड़ी क्षेत्र के वित्तीय नेटवर्क के जरिए वापस आती है।
उनके अनुसार, अमेरिका उन बैंकों, नकद लेनदेन केंद्रों और आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बना रहा है जिनका इस्तेमाल इन पैसों को बदलने या स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।


उन्होंने बताया कि पिछले शुक्रवार दुबई के एक बैंक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं बताया।
उन्होंने कहा, "जब यह पैसा डॉलर में नहीं बदला जा सकेगा, तब यह शासन आर्थिक रूप से और कमजोर हो जाएगा।"
बेसेंट ने कहा कि ईरानी मुद्रा के मूल्य में आई तेज गिरावट भी इस बात का संकेत है कि देश की विदेशी मुद्रा तक पहुंच कमजोर पड़ रही है। लगभग 16 महीने पहले जहां एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा की कीमत करीब 8 लाख डॉलर थी, वहीं अब यह गिरकर 2.10 लाख प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गई है। इसका मतलब है कि उन्हें डॉलर तक पहुंच नहीं मिल रही है और वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।"
बेसेंट ने माना कि बढ़ते दबाव के बीच ईरान आगे और सैन्य कार्रवाइयां कर सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंततः आर्थिक हालात ईरानी सरकार को अपने फैसलों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर करेंगे।

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

पाकिस्तान: जेल प्रशासन ने एक बार फिर इमरान खान से बहनों को मिलने नहीं दिया

पाकिस्तान: जेल प्रशासन ने एक बार फिर इमरान खान से बहनों को मिलने नहीं दिया

ईरान को बातचीत की मेज पर लाना मकसद नहीं, बड़े संकट को टालना है: ट्रंप

ईरान को बातचीत की मेज पर लाना मकसद नहीं, बड़े संकट को टालना है: ट्रंप

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने शुरू की कार्रवाई, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को बनाया न‍िशाना

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने शुरू की कार्रवाई, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को बनाया न‍िशाना

शादी समारोह में हमला करके न‍िर्दोषों की जान लेना अमेरिका की क्रूरता, ईरान दृढ़ता से जवाब देगा: इस्माइल बाघेई

शादी समारोह में हमला करके न‍िर्दोषों की जान लेना अमेरिका की क्रूरता, ईरान दृढ़ता से जवाब देगा: इस्माइल बाघेई

ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस

समुद्र का जलस्तर बढ़ने से कोलकाता और मुंबई के लाखों लोग हो सकते हैं प्रभावित: यूएन

समुद्र का जलस्तर बढ़ने से कोलकाता और मुंबई के लाखों लोग हो सकते हैं प्रभावित: यूएन

अमेरिकी राजदूत गोर और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

अमेरिकी राजदूत गोर और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

राष्ट्रपति ट्रंप ने एप्पल से अपने मानचित्र पर ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने को कहा

राष्ट्रपति ट्रंप ने एप्पल से अपने मानचित्र पर ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने को कहा

उत्तर कोरिया के विरोध के बीच दक्षिण कोरिया का रुख साफ, ‘फ्रीडम एज’ अभ्यास जारी रहेगा

उत्तर कोरिया के विरोध के बीच दक्षिण कोरिया का रुख साफ, ‘फ्रीडम एज’ अभ्यास जारी रहेगा