Thursday, September 10, 2026
BREAKING
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को मिलेगी रफ्तार, दो महीने में रिपोर्ट होगी तैयार हिंद महासागर क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा जरूरी : राजनाथ सिंह World Suicide Prevention Day 2026: आत्महत्या रोकथाम के लिए बातचीत और सहयोग जरूरी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: देश में मछली की उत्पादकता 2.3 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 3.3 टन प्रति हेक्टेयर हुई होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार मेमोरी की बढ़ती लागत के चलते एप्पल ने भारत में आईफोन की कीमतों को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट, सेंसेक्स 74,727 और निफ्टी 23,430 पर एप्पल का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन 'आईफोन डुओ' 2.99 लाख रुपए की कीमत पर भारत में हुआ लॉन्च शीतल देवी ने शूट-ऑफ में जीता गोल्ड, वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत का शानदार प्रदर्शन यूएस ओपन: अलेक्जेंडर ज्वेरेव सेमीफाइनल में पहुंचे, करेन खाचानोव से होगा मुकाबला

राष्ट्रीय

'आकाश आनंद अब बसपा से पूरी तरह आजाद', मायावती ने अपने भतीजे को किया पार्टी से निष्कासित

10 सितंबर, 2026 01:07 PM

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घोषणा की कि आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह से मुक्त किया गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "आकाश आनंद को पार्टी और मूवमेंट के वास्तविक हित व इससे जुड़े अपने करियर की परवाह कम, जबकि रिश्ते-नातों आदि का मोह अधिक है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश आनंद डबल माइंड होकर फिर बीएसपी पार्टी और मूवमेंट का भला कैसे कर सकते हैं?" मायावती ने लिखा, "पार्टी के लोगों को यही बेहतर लगता है कि उन्हें (आकाश आनंद) पहले दिनांक 3 सितंबर को जिस प्रकार से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के अति-महत्वपूर्ण पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। उसी प्रकार अब उन्हें पार्टी में भी आज से पूरी तरह से आजाद कर दिया जाए। अतः आकाश आनंद पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। अब इनको पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया गया है।"


मायावती ने लिखा, "आकाश आनंद की ओर से भी अपने करियर से अधिक अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रति इस हद तक लगाव कायम है कि उन्होंने बीएसपी प्रमुख के सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर तत्सम्बंधी पोस्ट को रिपोस्ट करना भी उचित नहीं समझा। हालांकि यह पोस्ट उनके ही सकारातमक व भलाई के लिए था।"
उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "वह (आकाश आनंद) बीएसपी प्रमुख के 'एक्स' पर पोस्ट को रिपोस्ट करके अपनी वफादारी का सबूत देने का प्रयास करते रहे हैं। इससे भी यही लगता है कि अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद दोनों को पार्टी और मूवमेंट की सफलता में कम व अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थ का अधिक मोह है।"


इसके साथ ही, मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के फैसले को सही कदम बताया। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "अगर यह फैसला वह (अशोक सिद्धार्थ) काफी पहले ही ले लेते तो बीएसपी, बहुजन समाज व बहुजन मूवमेंट व उनके दामाद आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। और न ही मुझे विधानसभा आम चुनाव और खासकर उत्तर प्रदेश में 5वीं बार सरकार बनाने की जबरदस्त तैयारियों के बीच पार्टी व मूवमेंट के व्यापक हित के मद्देनजर इनके बारे में कई बार कड़े फैसले लेने आदि की जरूरत पड़ती।"


बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा, "अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेने का फैसला 'देर आये दुरुस्त आये' की कहावत की तरह ही यह अच्छी बात है। किंतु अशोक सिद्धार्थ को, अपने दामाद आकाश आनंद के उज्जवल भविष्य के साथ ही बीएसपी पार्टी और इसके अंबेडकरवादी बहुजन मूवमेंट के व्यापक हित के प्रति थोड़ी भी सही चिंता होती, तो वे बिना देरी किए फौरन ही राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर देते। इससे आकाश आनंद की पार्टी और मूवमेंट के प्रति सक्रियता काफी हद तक सुनिश्चित हो सकती थी, किंतु ऐसा कुछ नहीं होना यह साबित करता है कि अशोक सिद्धार्थ की नीयत में खोट और अभिलाषा कम नहीं हुई है, बल्कि अभी तक भी पूरी तरह से बरकरार है।"


पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम संदेश में मायावती ने कहा, "बीएसपी के सभी लोगों को विरोधियों के 'साम, दाम, दंड, भेद' आदि सभी प्रकार के हथकंडों का डट कर सामना करते हुए, खासकर उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहमत की अपनी 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की जबरदस्त कानून-व्यवस्था व बेहतरीन विकास वाली आयरन हुकूमत बनाने के संघर्ष में, पूरे जी-जान से अर्थात पूरे तन, मन, धन की लगन से लगे रहना है, बस यही लक्ष्य सर्वोपरि है।"

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

हिंद महासागर क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा जरूरी : राजनाथ सिंह

हिंद महासागर क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा जरूरी : राजनाथ सिंह

गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज

गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज

प्रियंका गांधी के नाम पर पर ठगी की कोशिश, कार्यालय ने जारी किया स्कैम अलर्ट

प्रियंका गांधी के नाम पर पर ठगी की कोशिश, कार्यालय ने जारी किया स्कैम अलर्ट

राष्ट्रीय पोषण माह : सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना, कहा-2017 से पहले आंगनबाड़ी का पोषाहार शराब माफिया के हाथों में था

राष्ट्रीय पोषण माह : सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना, कहा-2017 से पहले आंगनबाड़ी का पोषाहार शराब माफिया के हाथों में था

भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर श्रद्धांजलि, अमित शाह समेत कई नेताओं ने किया नमन

भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर श्रद्धांजलि, अमित शाह समेत कई नेताओं ने किया नमन

लंपी स्किन बीमारी : अब तक 36.18 करोड़ से अधिक मवेशियों को एलएसडी प्रतिरोधी टीका लग चुका है

लंपी स्किन बीमारी : अब तक 36.18 करोड़ से अधिक मवेशियों को एलएसडी प्रतिरोधी टीका लग चुका है

राजस्थान निकाय चुनाव: पहले चरण के लिए मतदान जारी

राजस्थान निकाय चुनाव: पहले चरण के लिए मतदान जारी

कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर देश ने वीर सपूत को नमन किया, राष्ट्रसेवा के उनके जज्बे को किया याद

कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर देश ने वीर सपूत को नमन किया, राष्ट्रसेवा के उनके जज्बे को किया याद

दिल्ली-एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम, 11 से 14 सितंबर तक बारिश के आसार

दिल्ली-एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम, 11 से 14 सितंबर तक बारिश के आसार

पीएम मोदी ने शेयर किया नया सुभाषित, विद्या को बताया सुशासन जैसी हृदय-प्रिय शक्ति

पीएम मोदी ने शेयर किया नया सुभाषित, विद्या को बताया सुशासन जैसी हृदय-प्रिय शक्ति