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हिमाचल

आईएएस-आईपीएस-आईएफएस अफसरों का कैडर कम करेगी सुक्खू सरकार, केंद्र सरकार को भेजी चिट्ठी

07 मई, 2026 05:57 PM

हिमाचल की सुक्खू सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक सुधार की दिशा में ठोस पहल करते हुए अखिल भारतीय सेवाओं जैसे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के कैडर को तर्कसंगत बनाने की कवायद शुरू कर दी है, ताकि अनावश्यक खर्चों को कम करके लोगों के कल्याण पर ज्यादा से ज्यादा पैसा खर्च किया जा सके। पहले भी कई सरकारों ने इस दिशा में सोच-विचार किया, लेकिन इस बारे में कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया। इस बार सरकार ने इस पर आगे बढ़ते हुए वास्तविक कदम उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की संख्या में कमी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। वर्तमान में आईएएस अधिकारियों का स्वीकृत कैडर 153 है, जिसे घटाकर 147 करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसी प्रकार, भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों के स्वीकृत पदों को 114 से घटाकर 83 करने का विस्तृत प्रस्ताव पहले ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, जिस पर निर्णय अंतिम चरण में है।


इसके अलावा राज्य सरकार आने वाले समय में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के कैडर की समीक्षा करने भी विचार कर रही, ताकि इस काडर को भी तर्कसंगत बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और अधिकारियों के प्रभावी उपयोग से सरकारी कामकाज सुचारू किया जा सकता है। जरूरत से ज्यादा पद न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अव्यवहारिक हैं, बल्कि इससे राज्य पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है और जो पैसा लोगों के कल्याण पर खर्च होना चाहिए, वह अधिकारियों की सैलरी में जा रहा है। एक आईएएस या आईएफएस अधिकारी पर औसतन प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख से 50 लाख रुपए तक का खर्च आता है। कटौती के बाद राज्य को हर वर्ष करोड़ों रुपए की बचत होगी और यह पैसा जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को तैयार करते समय सभी प्रशासनिक, वित्तीय एवं कार्यात्मक पहलुओं का गहन अध्ययन किया है। केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में ठोस आधार और औचित्य प्रस्तुत किए गए हैं, जिससे इस पहल को आवश्यक एवं व्यवहारिक सुधार के रूप में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। यह कदम सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

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