शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार की जाति आधारित जनगणना पूरी होने के बाद ओबीसी आयोग की सिफारिशें आएंगी। इसके बाद प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग की सिफारिश मिलने के बाद सरकार सभी पहलुओं पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुखराम चौधरी के सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओबीसी समाज के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
ओबीसी समाज का कल्याण राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण की भावना से किया जाएगा। वर्तमान सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग को प्रथम और द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 12 प्रतिशत तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में 18 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। बी.एड. में भी ओबीसी वर्ग के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
इससे पहले विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश में ओबीसी को दिया जा रहा आरक्षण ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस की 610 सीटों में ओबीसी वर्ग के लिए मात्र 14 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। प्रदेश में श्रेणी ए और बी में 12 प्रतिशत तथा श्रेणी सी और डी में 18 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। सुखराम चौधरी ने सरकार से सभी श्रेणियों में ओबीसी आरक्षण 18 प्रतिशत करने की मांग की।