चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि HKRN के जरिए बीजेपी सरकार युवाओं का युवाओं का शोषण कर रही है। इसलिए कांग्रसे की मांग है कि HKRN के सभी कर्मियों को पक्का किया जाए और उन्हें पक्के कर्मचारियों वाला पे-स्केल, DA, प्रमोशन, आरक्षण व रिटायरमेंट लाभ दिए जाएं। क्योंकि कौशल निगम के तहत हो रही व्यवस्था ना सिर्फ शोषणकारी है, बल्कि यह असंवैधानिक भी है। इसके लिए कांग्रेस राज्यपाल को मिलकर भी उन्हें ज्ञापन सौंपेगी।
हुड्डा ने कौशल कर्मियों की हालत पर कहा कि ना ये बेरोजगार हैं, ना ये तनख्वाहदार हैं, युवाओं को बना दिया दिहाड़ीदार, शिक्षित युवा हैं लाचार, जिनका शोषण हो रहा है बार-बार। HKRN के तहत युवाओं को डिप्लॉय कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। युवाओं को वेजेस (दिहाड़ी) नहीं, सम्मानजनक सैलरी और नियमित सेवा चाहिए।
संविधान का अनुच्छेद 16 रोजगार के समान अवसर की गारंटी देता है। फिर एक ही काम के लिए पक्के कर्मचारी को ₹80,000 और HKRN कर्मी को मात्र ₹20,000 क्यों? समान काम के लिए समान वेतन और पक्का अधिकार युवाओं का हक है। सभी कर्मियों को पक्की नौकरी में समायोजित करके, HKRN व्यवस्था को बंद किया जाना चाहिए और स्वीकृत पदों पर पारदर्शी व नियमित भर्तियां होनी चाहिए।
हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कौशल कर्मियों के समर्थन में कांग्रेस ने पंचकूला में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। जिसमें बारिश और खराब मौसम के बावजूद बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए और उसे प्रदेशभर के कच्चे कर्मचारियों का समर्थन मिला।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पूरे प्रदेश में कच्चे कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा है। सरकार द्वारा सफाई कर्मियों की मांगों को अनदेखा करने के चलते पूरे प्रदेश में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान 11000 ग्रामीण और 14000 शहरी सफाईकर्मी नियुक्त किए गए थे। लेकिन बीजेपी सरकार ने आज तक उनको पक्का नहीं किया।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अभय चौटाला ने उनके खिलाफ एक झूठा बयान दिया है। इसको लेकर इनेलो नेता को क्रिमिनल और सिविल दोनों केस करके कोर्ट में घसीटूंगा। क्योंकि उन्होंने अमित शाह से मुलाकात और किसी निजी कंपनी में पार्टनरशिप से संबंधित दोनों झूठी बातें बोली हैं। ना मैं अमित शाह से मिला और ना ही मेरा उस कंपनी से कोई संबंध है।
बीजेपी द्वारा कांग्रेस की खेल नीति पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान लागू नीति की आज भी पूरे देश और पूरी दुनिया में सराहना होती है। क्योंकि यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में पहली बार कांग्रेस ने किया था कि खेलों में पदक जीतने वाले 17 खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी नियुक्त किया गया। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 5 करोड़ तक के नकद ईनाम की नीति बनाया। साथ ही स्कूली स्तर से खिलाड़ियों को तराशने वाली 20 लाख बच्चों के लिए स्पैट गेम्स प्रतियोगिता शुरू की। छोटे बच्चों के लिए स्कूल और अकेडमी के स्तर पर डाइट भत्ता देना शुरू किया। इन सबका नतीजा ये रहा कि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को जो कुल 38 गोल्ड मेडल मिले, उनमें से 22 अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते।
कॉमनवेल्थ खेलों पर बोलते हुए हुड्डा ने पदक जीतने वाले तमाम खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। साथ ही उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर करी कि कांग्रेस सरकार के दौरान जो खेल नीति लागू की गई, जिस तरह खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया और स्पोर्ट्स अकैडमी खोलीं गईं, उसके नतीजे बरसों बाद भी देखने को मिल रहे हैं। हालांकि बीजेपी सरकार ने कांग्रेस की बनाई खेल नीति में फेरबदल करके खिलाड़ियों को उनके इनाम, सम्मान और पदों से वंचित किया है। इस दौरान, विधायक भारत भूषण बतरा ने बताया कि कांग्रेस ने प्रदेश में जारी SIR को लेकर चुनाव के समक्ष अपनी शिकायतें रखी हैं। साथ ही SIR की प्रक्रिया के लिए एक महीना अतिरिक्त लगाने की भी मांग करी है।