मुंबई : शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की थी। संजय राउत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि उनका रुख पूरी तरह सही है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका प्रभाव बरकरार रहेगा। भाजपा चाहे जो कर ले, इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। राउत ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर जीत हासिल करेगी और भारतीय जनता पार्टी राज्य में सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने जिस तरह से केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है, वह जनता की भावनाओं को दर्शाता है और बंगाल की जनता उनके साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कांग्रेस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए राउत ने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री खुद किसकी भाषा बोल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के बजाय सरकार ने कमजोरी दिखाई है। जिस तरह से देश का हाल बेहाल हो रहा है, उस पर प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए, लेकिन वह कुछ बोल नहीं रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में गैस की कमी है, इस पर केंद्र सरकार कुछ जवाब नहीं दे रही है। अगर कोई कुछ बोलता भी है तो उसे चुप करा दिया जाता है। भाजपा का काम सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाने का रह गया है। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
संजय राउत ने बारामती में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवार खड़ा करना स्वाभाविक है और इसे लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार की सराहना करते हुए उन्हें एक प्रभावशाली नेता बताया। उन्होंने कहा कि बारामती और पूरे महाराष्ट्र में अजित पवार का खासा प्रभाव रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जनता उनको काफी पसंद करती, यह बात सबको पता है।