चंडीगढ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश में प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बिना किसी स्थापित राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के नेतृत्व में सभी दलों का एकजुट होना सवाल खड़े करता है। इसके पीछे किसी ऐसी ताकत की भूमिका होने की आशंका है, जो देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। विज मीडिया कर्मियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विपक्ष द्वारा निकाले गए मार्च के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या हमारी जो अदालते हैं, वो बिल्कुल निष्पक्ष है, और आजाद हिन्दूस्तान में यह पहली बार देखा गया है, कि उच्चतम न्यायालय के खिलाफ भी विपक्ष द्वारा जूलुस निकाला गया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो ये कंटेप्ट आफ कोर्ट है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने स्वयं इस पर संज्ञान लिया है, तो कोर्ट क्या कार्यवाही करती है, ये कोर्ट पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह एक तमाशा देश में हो रहा है।
उन्हांेने विपक्ष को घेरते हुए देश की जनता के सम्मुख एक प्रश्न खडा करते हुए कहा कि ‘‘मैं लोगों के लिए एक प्रश्न करना चाहता हूं, कि एक सीजेपी पार्टी दस अक्तूबर की कॉल देती है कि हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगें। वहां पर राहुल गांधी जी भी अपनी पार्टी के लोगों को लेकर आ जाते हैं, अखिलेश यादव जी भी वहां पर अपनी पार्टी के लोगों को लेकर आ जाते है, ममला बैनर्जी जी भी अपनी पार्टी के लोगों को लेकर आ जाती है, कम्यूनिष्ट भी अपनी पार्टियांे केे लोगों को लेकर आ जाते हैं। आखिर कौन है सीजेपी, जिसका अभी तक पता नही है, कि वे राजनीतिक पार्टी है, सामाजिक कार्यकर्ता है, कोई उनकी पृष्ठभूमि भी नहीं है, और केवल उनके कहने से इतनी सारी पार्टियों के लोग आ जाते हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि कोई ओर शक्ति इन सबको इकटठा कर रही है, आखिर कौन है वो शक्ति। जो देश को अस्थिर करना चाहती है और ये उसके टूल हैं। ये जो पार्टियां है ये देश को अस्थिर करने के लिए टूल हैं। इसलिए लोगों को इस प्रश्न का उत्तर खोजना चाहिए कि कौन इसको कर रहा है’’।
उन्होंने कहा कि ‘‘देश में प्रदर्शन करने का अधिकार है, और हर पार्टी को अधिकार है और हम भी प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन इन सबको इकटठा कौन कर रहा है और एक आदमी के कहने से सारी पार्टियां दण्डवत हो जाती है लेकिन अभी उनकी कोई अभी पृष्ठभूमि नहीं है और न ही उनका कोई राजनीतिक इतिहास भी नहीं है। इसका मतलब कोई ओर शक्ति है जो देश की दुश्मन शक्ति है, जो देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है’’।
पंजाब में नशे के खिलाफ एक सामाजिक कार्यकर्ता को अपनी जान गंवानी पडी, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब मे विज ने कहा कि पंजाब में ये जो नशे का कारोबार हो रहा है, जिसका एक सामाजिक कार्यकर्ता को पता है, कि किस दुुकान पर नशा बिक रहा है। लेकिन भगवंत सरकार को क्यों नहीं पता है, और अगर पता है तो पहले कार्यवाही क्यों नहीं की। जब किसी सामाजिक कार्यकर्ता की जान चली गई, उसके बाद ये जागे हैं, तो आपकी एजेंसियां कहां थी, और इन्होंने पहले क्यों नहीं रोकने का प्रयास किया।
कांग्रेस नेता रणदीप सूरजेवाला ने कहा कि देश का मध्यम वर्ग महंगाई का मार झेल रहा है, के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब मे श्री विज ने सूरजेवाला जी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि सूरजेवाला जी का कौन सा तराजू है, जो देश को भिन्न- भिन्न श्रेणियों में बांटकर देखते हैं। जबकि सभी लोगों को एक समान समझना चाहिए, कभी ये निम्न वर्ग की बात करते हैं तो कभी मध्यम वर्ग की बात करते है, जबकि यह रहते उच्च वर्ग में है।