लुधियाना : भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्थान से राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से नई टीम के ऐलान के साथ ही प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति भी शुरू कर दी गई है। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले पूनिया को मिली यह जिम्मेदारी राजनीतिक तौर पर काफी अहम मानी जा रही है।
विजय रूपाणी के निधन के बाद खाली था पद
पंजाब बीजेपी के प्रभारी का पद गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के हवाई हादसे में निधन के बाद खाली हो गया था। अब पार्टी ने इस जिम्मेदारी के लिए सतीश पूनिया के नाम पर मुहर लगाई है। चुनावी तैयारियों के बीच उन्हें पंजाब की संगठनात्मक कमान सौंपना बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पंजाब में पहले से सक्रिय रहे हैं पूनिया
सतीश पूनिया पंजाब बीजेपी की गतिविधियों से पहले से जुड़े रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी लंबे समय से पंजाब में पार्टी के लिए सक्रिय हैं। उनके साथ पूनिया ने भी पंजाब संगठन से जुड़े कई अहम कामों में भूमिका निभाई है।
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव से लेकर नई प्रदेश टीम के गठन तक पूनिया की सक्रिय भागीदारी रही है। ऐसे में अब उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत हो गई है।
हरियाणा में भी निभाई अहम जिम्मेदारी
सतीश पूनिया को संगठन और चुनावी प्रबंधन का अनुभवी नेता माना जाता है। हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने उन्हें राज्य चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके नेतृत्व में पार्टी ने चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर काम किया।
हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद अब पंजाब की जिम्मेदारी भी पूनिया को दी गई है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में बीजेपी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की चुनौती उनके सामने होगी।
चुनाव से पहले बढ़ी जिम्मेदारी
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सतीश पूनिया को प्रभारी बनाकर संगठन को मजबूत करने का संकेत दिया है। अब उनके सामने पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राजस्थान की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक सक्रिय भूमिका निभा चुके पूनिया के लिए पंजाब की नई जिम्मेदारी उनके राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।