पेरिस : पेरिस ओलंपिक्स के दौरान विवादों की कमी नहीं रही। एक तरफ भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को वजन 100 ग्राम अधिक होने से पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह मामला सीएएस में चल रहा है। मगर इस बीच रोमानिया की एक महिला जिम्नास्ट भी कुछ ऐसी ही परिस्थिति में फंस गई थी, लेकिन अब सीएएस ने रोमानिया की एना बारबोसु के पक्ष में फैसला सुनाकर उसे ब्रॉन्ज मेडल विजेता घोषित किया। दरअसल रोमानिया की एना बारबोसु को पहले ब्रॉन्ज मेडल विजेता घोषित कर दिया गया था, वहीं अमरीकी जिम्नास्ट जॉर्डन चाइल्स पांचवें स्थान पर रही थीं। मगर चाइल्स के कोच ने तुरंत जांच की मांग की, जिसके बाद अमरीकी एथलीट के स्कोर को 0.1 से बढ़ा दिया गया, जो उनको ब्रॉन्ज मेडल पोजिशन दिलाने के लिए काफी था।
इस पर रोमानिया की ओलंपिक समिति जरा भी खुश नहीं थी, जिसके चलते उन्होंने खेलों की मध्यस्थता करने वाले न्यायालय में अपील कर दी। रोमानिया जिम्नास्टिक्स फेडरेशन ने सीएएस के सामने मांग रखी कि चाइल्स के स्कोर की दोबारा जांच की जाए। नियमों के अनुसार किसी कोच को एक मिनट के अंदर अपील करनी होती है। जॉर्डन चाइल्स की कोच सेसिल लैंडी ने अपील तो कि लेकिन जांच में पाया है कि अपील एक मिनट चार सेकंड बाद की गई थी। इस कारण चाइल्स का स्कोर काट लिया गया। इससे एना बारबोसु ब्रॉन्ज मेडल पोजिशन पर आ गई हैं।