हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आज हंगामे और बहिष्कार की भेंट चढ़ गया। महिला आरक्षण बिल के समर्थन में भाजपा द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव को कांग्रेस ने असंवैधानिक और जनता को गुमराह करने वाला करार देते हुए सदन का वॉकआउट कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विधायक भारत भूषण बतरा के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर तीखे सवाल दागे हैं।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती। हुड्डा ने कहा, जब 2023 में बिल पास हो चुका है, तो उसे तुरंत लागू करने की बजाय जनगणना और परिसीमन की शर्तें क्यों थोपी जा रही हैं? सरकार के इस रवैये से साफ है कि महिला आरक्षण लागू होने में अभी 10 साल और लगेंगे। हुड्डा ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला राष्ट्रपति, पहली महिला प्रधानमंत्री और पहली महिला स्पीकर दी है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान 543 सीटों में से ही 33% आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने विशेष सत्र बुलाने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार की बड़ी हार बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विधेयक को 528 में से केवल 298 सदस्यों का समर्थन मिलना यह दर्शाता है कि सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं था। बतरा ने आरोप लगाया कि जो विषय केंद्र सरकार के अधीन आते हैं (जैसे चुनाव सुधार, मनरेगा, महिला आरक्षण), उन पर विधानसभा में संकल्प प्रस्ताव लाना केवल भ्रम फैलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार 2020 में जनगणना करा सकती थी, लेकिन कोरोना का बहाना बनाकर इसे टाला गया, जबकि कोरोना 2022 में ही खत्म हो चुका था।
जेजेपी (JJP) की महापंचायत पर कटाक्ष करते हुए हुड्डा ने उसे भाजपा की 'बी-टीम' करार दिया। उन्होंने मनोहर लाल खट्टर के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अब सब साफ हो गया है कि कौन किसके इशारे पर काम कर रहा है।
विधायक अशोक अरोड़ा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी असंवैधानिक काम का हिस्सा नहीं बनेगी। इसी विरोध के चलते कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और पूर्व स्पीकर रघुवीर कादियान की अध्यक्षता में एक अलग बैठक कर सरकार की नीतियों की निंदा की।
मुख्य मुद्दे जिन पर कांग्रेस ने घेरा:
स्थानीय चुनाव:
जब प्रदेश में लोकल बॉडी चुनाव हो रहे हैं, तो विशेष सत्र की क्या जरूरत थी? इसे अगले महीने भी बुलाया जा सकता था।
आरक्षण का आधार:
2026 के बिल में 2011 की जनगणना को आधार बनाना तर्कसंगत नहीं है।
कौशल रोजगार निगम:
कांग्रेस ने मांग की कि सरकार कौशल रोजगार निगम के जरिए लगे 1 लाख कर्मचारियों को पक्का करने का बिल लाए, हम उसका समर्थन करेंगे।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह महिलाओं के हक में है, लेकिन भाजपा के 'भ्रम जाल' के खिलाफ खड़ी रहेगी। बागी विधायकों पर निशाना साधते हुए हुड्डा ने कहा कि जो लोग विधायक रहकर भाजपा की बोली बोल रहे हैं, उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए।