महाराष्ट्र में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के करीब 6 हजार शिक्षकों ने आजाद मैदान पर धरना दिया है। इस प्रदर्शन में पूरे सूबे से शिक्षक पहुंचे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि स्कूलों को सरकारी सहायता प्रदान की जाए। इसके अलावा उनकी मांग भर्तियों की भी है। इन शिक्षकों का कहना है कि यदि फंड ही नहीं रहेगा तो स्कूलों का संचालन कैसे होगा। इससे शिक्षकों के अलावा बच्चों के हित भी प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच इन शिक्षकों के धरने का समर्थन करने के लिए वरिष्ठ नेता शरद पवार भी आजाद मैदान पहुंच गए। एनसीपी-एसपी के नेता ने कहा कि मैं स्कूल टीचरों के साथ हूं और उनकी समस्या का समाधान कराके रहूंगा।
शरद पवार ने इस दौरान आंदोलित शिक्षकों को संबोधित भी किया और कहा कि मैं 56 सालों से राजनीति में हूं। आप लोगों की समस्या को समझता हूं और आपके साथ हूं। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वह सरकार से बात करके उनकी मांगें मनवाएँगे और समस्याओं का समाधान करेंगे। प्रदर्शनकारी शिक्षकों से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से आप न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, अब समय आ गया है। सरकारी कर्मचारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारी महाराष्ट्र में प्रशासन के महत्वपूर्ण अंग हैं। महाराष्ट्र सरकार को उनका सम्मान करना चाहिए। कल मुझे रोहित पवार से पता चला कि एक मंत्री यहां आ रहे हैं।'
शरद पवार बोले- नॉलेज देने वालों को आंदोलन करना पड़ रहा है
मराठा छत्रप शरद पवार ने कहा कि मैंने सोचा था कि अगर ये मंत्री आ रहे हैं, तो वे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और इसे सुलझा लेंगे। लेकिन यह मुद्दा अभी भी हल नहीं हुआ है। राज्य सरकार को स्पष्ट रूप से यह बताने की आवश्यकता है कि जो लोग नॉलेज दे रहे हैं, उन्हें संघर्ष न करना पड़े। शिक्षकों की मांगों के लिए जल्द से जल्द धन उपलब्ध कराएं। हम सभी आपकी मांगों को स्वीकार करने के लिए दृढ़ रुख अपनाएंगे। बता दें कि मंगलवार को ही मुंबई के मीरा रोड पर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया था। ये लोग मनसे, उद्धव सेना और कुछ अन्य मराठी संगठनों के आह्वान पर जुटे थे। अब अगले ही दिन शरद पवार शिक्षकों के धरने में जा पहुंचे हैं।