Wednesday, April 01, 2026
BREAKING
होशियारपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ हुई तोड़फोड़ की घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी सिटी खरड़ ने किया जोरदार प्रदर्शन एच.एस. फुल्का का भाजपा में शामिल होना सरकार पर सिख समुदाय के मजबूत भरोसे का संकेत: सुनील जाखड़ पंजाब में CM भगवंत सिंह मान ने 75 करोड़ रुपये का विकास पैकेज जारी किया आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की कोई स्थाई नीति नहीं, सदन में बोले CM सुक्खू डीसी को पांच फीसदी आरक्षण की शक्तियां देने के मुद्दे पर भाजपा का प्रस्ताव खारिज, विपक्ष ने किया वॉकआउट एंट्री टैक्स पर पंजाब के सीएम से करेंगे बात, सदन में बोले CM सुक्खू, शून्यकाल के दौरान विधायकों ने रखी प्राथमिकताएं सावधान! तेल की किल्लत की खबर पर रेवाड़ी के डीसी का बड़ा बयान, जानें क्या कहा बड़ा फैसला: मंडियों में किसानों की सहूलियत के लिए हरियाणा सरकार ने बदला एंट्री का तरीका Haryana में इस परीक्षा में फेल अभ्यर्थियों को मिलेगा एक और अवसर, कर लें तैयारी... हरियाणा की मंडियों में 'कच्ची पर्ची' खेल खत्म, हाईकोर्ट की फटकार के बाद सरकार का बड़ा फैसला...अब ये फार्म होगा अनिवार्य

राष्ट्रीय

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ‘टाइड्स ऑफ टाइम’ पुस्तक का विमोचन किया

01 अप्रैल, 2026 05:15 PM

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को यहां संविधान सदन में राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक ‘टाइड्स ऑफ टाइम: संसद में भित्तिचित्रों के माध्यम से भारत का इतिहास’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने संसद में बने भित्ति चित्रों को भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का जीवंत प्रतिबिंब बताया और भारत को “लोकतंत्र की जननी” कहा।

इतिहास को नई पीढ़ियों के करीब लाने में मिलेगी मदद
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान सदन में स्थापित भित्ति चित्र केवल कला कृतियां नहीं हैं, बल्कि वे भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाली दृश्य कथाएं हैं। उन्होंने लेखिका सुधा मूर्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन चित्रों की “कालातीत सुंदरता और गहरे प्रतीकवाद” को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है, जिससे इतिहास को नई पीढ़ियों के करीब लाने में मदद मिलेगी।

विविध विचारों के सम्मान की परंपरा भारत को “लोकतंत्र की जननी” बनाती है
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं प्राचीन काल से ही निरंतर, समावेशी और समाज की जड़ों में गहराई तक समाई रही हैं। उन्होंने वैशाली से लेकर दक्षिण भारत की कुदावोलै प्रणाली तक के उदाहरण देते हुए कहा कि संवाद, सहमति और विविध विचारों के सम्मान की परंपरा भारत को “लोकतंत्र की जननी” बनाती है।

उन्होंने तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती का उल्लेख करते हुए भारत की ज्ञान, उदारता और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रशंसा की और कहा कि यही आधार देश में समावेशिता और सभी विचारों के सम्मान को मजबूती देता है।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संसद भवन में पारंपरिक प्रतीकों के समावेश की भी सराहना की
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संसद भवन में पारंपरिक प्रतीकों के समावेश की भी सराहना की। उन्होंने राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र संबोधन के दौरान चोल वंश के पवित्र ‘सेंगोल’ के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इसे आधुनिक भारत और उसकी सभ्यतागत जड़ों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

उन्होंने कहा कि संसद एक जीवंत लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों संवाद, बहस, असहमति और चर्चा का प्रतिनिधित्व करती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये सभी प्रक्रियाएं अंततः राष्ट्रीय हित में रचनात्मक निर्णय लेने की दिशा में होनी चाहिए।

पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहे ये शब्द
पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह 124 भित्ति चित्रों के माध्यम से भारत के इतिहास को जीवंत करती है। इसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर महर्षि वाल्मीकि, चाणक्य, महावीर और गौतम बुद्ध जैसे महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं तक का विस्तृत वर्णन है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक में सम्राट अशोक और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों की उपलब्धियों के साथ-साथ कोणार्क सूर्य मंदिर जैसी सांस्कृतिक धरोहरों और भक्ति आंदोलन का भी उल्लेख है। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम, दांडी मार्च और महात्मा गांधी व सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के योगदान को भी इसमें स्थान दिया गया है।

उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का भी किया जिक्र
उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए “विकास भी, विरासत भी” के सिद्धांत को दोहराया और कहा कि प्रगति और परंपरा एक-दूसरे के पूरक हैं। संसद के भित्ति चित्र इसी सोच को साकार रूप देते हैं।

सुधा मूर्ति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ज्ञान, विनम्रता और सामाजिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण हैं। उन्होंने उनके कॉर्पोरेट जगत से सामाजिक सेवा और संसद तक के सफर को प्रेरणादायक बताया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की विविधता के बावजूद भारत सदैव एक था और एक रहेगा। उन्होंने नागरिकों से “राष्ट्र प्रथम” की भावना अपनाने और समर्पण, ईमानदारी तथा गर्व के साथ देशसेवा करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मनोहर लाल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लेखिका एवं राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति सहित कई सांसद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ बने सेना के उप प्रमुख, संभाली नई जिम्मेदारी

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ बने सेना के उप प्रमुख, संभाली नई जिम्मेदारी

घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी: केंद्र सरकार

घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी: केंद्र सरकार

‘मैं भी चाय वाला हूं’, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची : असम में पीएम मोदी

‘मैं भी चाय वाला हूं’, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची : असम में पीएम मोदी

राष्ट्रपति मुर्मु ने शिवकुमार महास्वामीजी के 119वें जयंती समारोह में लिया हिस्सा, सेवा और शिक्षा को बताया आधार

राष्ट्रपति मुर्मु ने शिवकुमार महास्वामीजी के 119वें जयंती समारोह में लिया हिस्सा, सेवा और शिक्षा को बताया आधार

असम में पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- राज्य की पहचान और सुरक्षा से किया खिलवाड़

असम में पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- राज्य की पहचान और सुरक्षा से किया खिलवाड़

आठवें वेतन आयोग के सदस्य मुख्य मुद्दों पर सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे

आठवें वेतन आयोग के सदस्य मुख्य मुद्दों पर सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे

किसान हित सर्वोपरि: योगी सरकार ने मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश

किसान हित सर्वोपरि: योगी सरकार ने मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश

भारत-पाकिस्तान अटारी-बाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला

भारत-पाकिस्तान अटारी-बाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला

ओडिशा दिवस पर अमित शाह, योगी समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

ओडिशा दिवस पर अमित शाह, योगी समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

केरल चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज, नितिन नबीन का राहुल गांधी पर तीखा हमला

केरल चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज, नितिन नबीन का राहुल गांधी पर तीखा हमला