उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। प्रशासन के मुताबिक, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर खोज एवं बचाव का कार्य कर रही है। घटनास्थल से भीड़ को हटा दिया गया है और वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि अफवाह क्यों और कैसे फैली। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।
उत्तराखंड के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने एक पत्र जारी कर हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। इसमें बताया गया कि 27 जुलाई को सुबह लगभग 9:00 बजे जनपद हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर एवं तुरंत ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इस घटना में 6 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। घटना में 5 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया है। साथ ही 23 अन्य सामान्य घायल हैं, जिनमें 20 व्यक्तियों का उपचार हरमिलाप मिशन राजकीय चिकित्सालय, हरिद्वार में किया जा रहा है। इसके अलावा, 3 अन्य घायलों का उपचार मेला अस्पताल हरिद्वार में किया जा रहा है।
पत्र में आगे बताया गया, “एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर खोज एवं बचाव का कार्य कर रही हैं। घटनास्थल से भीड़ को हटा दिया गया है और वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही घटना की जानकारी के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार में स्थापित 01334-223999, 9068197350, 9528250926 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून में स्थापित हेल्पलाइन नंबर 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 पर संपर्क किया जा सकता है।”
सीएम धामी ने हरिद्वार भगदड़ पर कहा कि आज सुबह करीब 9 बजे एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों के पास अफवाहों के कारण भगदड़ मच गई। 6 लोगों की जान चली गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि अफवाह क्यों और कैसे फैली। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।