विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organisation, WTO) में भारत की 8वीं व्यापार नीति समीक्षा (टीपीआर) बैठक 21 और 23 जुलाई 2026 को आयोजित होने जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।
यह समीक्षा दो मुख्य दस्तावेज़ों के आधार पर की जाती है: समीक्षा के दायरे में आने वाले सदस्य द्वारा प्रस्तुत नीतिगत बयान (सरकारी रिपोर्ट) और डब्ल्यूटीओ सचिवालय द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट, जिसे सभी सदस्यों के बीच वितरित किया जाता है। डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाती है, और यह अंतराल विश्व व्यापार में उनकी हिस्सेदारी के आधार पर तय किया जाता है।
भारत की नीति समीक्षा (टीपीआर) हर पांच साल में एक बार की जाती है। आठवीं टीपीआर में 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि शामिल है। भारत के लिए टीपीआर प्रक्रिया जून 2025 में शुरू हुई। चौदह महीने की अवधि के दौरान, वाणिज्य विभाग ने 100 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के परामर्श से इस प्रक्रिया में भाग लिया।
समीक्षा अवधि के दौरान भारत के प्रदर्शन ने उल्लेखनीय लचीलापन प्रदर्शित किया है। महामारी के कारण आई गिरावट और वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितताओं के बाद, अर्थव्यवस्था ने ज़बरदस्त वापसी की और तब से तेज़ विकास दर बनाए रखी है, जिससे यह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है।
गौरतलब हो, मुश्किल वैश्विक हालात के बावजूद भारत का विदेशी व्यापार भी मज़बूत बना रहा है। 2025-26 में, वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 863.1 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2021-22 के 676.5 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
सरकारी रिपोर्ट और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सचिवालय की रिपोर्ट समीक्षा अवधि के दौरान भारत की कई उपलब्धियों को उजागर करती हैं। इनमें विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत की मजबूत भागीदारी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संरचना का युक्तिकरण और सरलीकरण जैसे कर सुधार, और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और व्यापार सुगमता के लिए डिजिटल उपकरणों को शामिल करने सहित कई डिजिटल पहलें शामिल हैं।
20 जुलाई 2026 तक, डब्ल्यूटीओ के सदस्यों ने भारत से लिखित जवाब पाने के लिए 900 से ज़्यादा प्रश्न भेजे हैं, जो भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापारिक स्थिति में उनकी गहरी रुचि को दर्शाते हैं। इन प्रश्नों में डिजिटलीकरण और संबंधित सुधार, एमएसएमई, अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इस समीक्षा के दौरान डब्ल्यूटीओ के 40 से अधिक सदस्य देशों द्वारा बयान दिए जाने की उम्मीद है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल सदस्य देशों के लिए रुचि के विभिन्न मुद्दों पर भारत का रुख और दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा और साथ ही भविष्य के लिए भारत का विज़न भी साझा करेगा।