चंडीगढ़ : पिछले 9 खरीद सीजनों की शानदार सफलता के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों (डी.एफ.एस.सीज़.) की सराहना करते हुए, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज डी.एफ.एस.सीज़. को पूरी तरह तैयार रहने और धान के आगामी सीजन (2026-27) को भी सफल बनाने के लिए कहा।
श्री कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब से बाहर से धान का एक भी दाना किसी भी कीमत पर राज्य की मंडियों में प्रवेश न करने दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों के डी.एफ.एस.सीज़. को कहा कि कोई फर्जी एंट्री न होने देना और सतर्क रहना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने इस मौके पर डी.एफ.एस.सीज़. को खरीद सीजन को सफल बनाने के लिए मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ पूरा समन्वय रखने और सभी हितधारकों, विशेष रूप से किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखने की हिदायत भी दी।
भंडारण की जगह के मुद्दे के संबंध में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा यह मुद्दा लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है।
धान के आगामी सीजन के दौरान भंडारण के लिए और जगह सुनिश्चित करने के लिए राज्य से अनाज की प्राथमिकता के आधार पर उठान संबंधी मंत्री के ध्यान में लाया गया कि इस संबंध में भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई.) के जनरल मैनेजर से संपर्क किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री को यह भी बताया गया कि धान के खरीद सीजन 2026-27 के लिए 180 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और धान के अधीन क्षेत्रफल 26.22 लाख हेक्टेयर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। धान की भराई के लिए आवश्यक गांठों के संबंध में, 5.09 लाख की आवश्यकता के मुकाबले 4.20 लाख गांठें पहले ही उपलब्ध हैं, जो कि कुल आवश्यकता का 82 प्रतिशत है। इसके अलावा धान की अलॉटमेंट के लिए 3600 मिलें तैयार हैं।
इस मौके पर अन्य लोगों के अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, अतिरिक्त सचिव कमल कुमार गर्ग, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ भी उपस्थित थे।