Sunday, October 04, 2026
BREAKING
• 2 साल से भर्तियों के इंतजार में ओवर एज हो रहे युवा, सीईटी तक नहीं करवा पाई सरकार: भूपेंद्र हुड्डा • हरियाणा CMO में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अरुण गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद जानें किसे मिली जिम्मेदारी • हरियाणा STF का बड़ा एक्शन; 5 लाख के इनामी वांछित आरोपी को अवैध हथियारों सहित पकड़ा...हत्या के बाद था फरार • कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ बनेगी नई सड़क; सरकार ने दी मंजूरी; ट्रैफिक के लिए मिलेगा वैकल्पिक रास्ता • चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में पनीर की खेप बरामद • पंजाब के लिए गेमचेंजर बनेगा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे! 667 KM कॉरिडोर से सफर होगा आसान • पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खास खबर, मिलेगी मुफ्त कोचिंग • Shimla: विधानसभा के मानसून सत्र के बाद दूसरी बार टली मंत्रिमंडल बैठक • ​Hamirpur: असंवैधानिक नीतियों, कानूनों और फैसलों का रिकॉर्ड बना रहे हैं सुक्खू : जयराम • हिमाचल में अगले 6 माह में होगी 4 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, आऊटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनेगी नीति : CM सुक्खू

सेहत

बाजार में मिलने वाला आम स्वास्थ्य के लिए खतरनाक तो नहीं, ऐसे करें आसानी से पहचान

10 अप्रैल, 2026 05:22 PM

गर्मियों के आते ही बाजार रंग-बिरंगे फलों से भर जाते हैं और आम इनमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र होता है। ‘फलों का राजा’ कहे जाने वाला यह फल अपनी मिठास और स्वाद के कारण हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बन जाता है, हालांकि अगर सावधानी न बरती जाए तो यही आम आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले कई आम प्राकृतिक तरीके से नहीं, बल्कि केमिकल के जरिए जल्दी पकाए जाते हैं, जो शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक रूप से पके आमों में एक खास तरह की मीठी और ताजगी भरी खुशबू होती है, जो दूर से ही महसूस की जा सकती है। वहीं, केमिकल से पकाए गए आमों में यह प्राकृतिक सुगंध लगभग न के बराबर होती है। उनका रंग भी असामान्य रूप से एक जैसा चमकीला पीला होता है, जो देखने में आकर्षक जरूर लगता है, लेकिन यह उनकी असल गुणवत्ता को छुपा सकता है।


वैज्ञानिक बताते हैं कि प्राकृतिक आम का रंग हल्का हरा और पीला मिला-जुला होता है और अंदर से पूरी तरह पका होता है, जबकि कृत्रिम रूप से पकाए गए आम अक्सर बाहर से पीले और अंदर से कच्चे रह जाते हैं।
रिसर्च के अनुसार, आम को पानी में डालकर भी ये जांचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से पका आम भारी होता है और पानी में डूब जाता है, जबकि केमिकल से पका आम हल्का होता है और ऊपर तैर सकता है। इसके अलावा, ऐसे आम को खाने पर कई बार जीभ में जलन या गले में हल्की परेशानी महसूस होती है, जो इस बात का संकेत है कि उसमें रसायनों का इस्तेमाल हुआ है।


आम को जल्दी पकाने के लिए अक्सर कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायन का उपयोग किया जाता है। इससे एसिटिलीन नाम की गैस निकलती है, जो शरीर के लिए हानिकारक होती है। इसके अलावा, इसमें आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे तत्व भी हो सकते हैं, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।


डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसे आम खाने से पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, गले में जलन और मुंह में छाले जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना और नींद की समस्या भी पैदा कर सकता है। लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने से लिवर और किडनी पर भी असर पड़ सकता है। इन रसायनों के लगातार संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है।

Have something to say? Post your comment

और सेहत खबरें

शरीर को लचीला और मन को शांत करता है गोमुखासन, जानें इसके फायदे

शरीर को लचीला और मन को शांत करता है गोमुखासन, जानें इसके फायदे

बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे

बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे

करौंदा : कम देखभाल में पनपने वाला पौधा, स्वाद के साथ सेहत के लिए भी उपयोगी

करौंदा : कम देखभाल में पनपने वाला पौधा, स्वाद के साथ सेहत के लिए भी उपयोगी

विश्व हृदय दिवस: बदलती जीवनशैली के बीच ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल

विश्व हृदय दिवस: बदलती जीवनशैली के बीच ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल

रसोई का खजाना है दालचीनी, स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी है फायदेमंद

रसोई का खजाना है दालचीनी, स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी है फायदेमंद

कैसे पहचानें Vitamin D हो गया कम? धूप के अलावा इन 5 चीजों को खाने से पूरी होगी कमी

कैसे पहचानें Vitamin D हो गया कम? धूप के अलावा इन 5 चीजों को खाने से पूरी होगी कमी

फाइबर से भरपूर थाली रखेगी आपको फिट, जानिए रोजाना कितनी मात्रा है जरूरी

फाइबर से भरपूर थाली रखेगी आपको फिट, जानिए रोजाना कितनी मात्रा है जरूरी

शरीर को नई ऊर्जा देता है अष्टावक्रासन, अभ्यास से मिलता है संतुलन और शक्ति

शरीर को नई ऊर्जा देता है अष्टावक्रासन, अभ्यास से मिलता है संतुलन और शक्ति

ऐसे समझें अपनी हीमोग्लोबिन रिपोर्ट- ये सिर्फ एक नंबर नहीं, सेहत का बड़ा संकेत है

ऐसे समझें अपनी हीमोग्लोबिन रिपोर्ट- ये सिर्फ एक नंबर नहीं, सेहत का बड़ा संकेत है

आयुर्वेद दिवस विशेष : रसोई में सेहत का खजाना, इनका सेवन स्वास्थ्य और शरीर के लिए वरदान

आयुर्वेद दिवस विशेष : रसोई में सेहत का खजाना, इनका सेवन स्वास्थ्य और शरीर के लिए वरदान