पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले लोगों को आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय चक्का जाम और मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने का ऐलान किया है। यूनियन का आरोप है कि राज्य सरकार ने कच्चे कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं।
एक भी कर्मचारी को नहीं किया नियमित
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ या कर्मचारियों के साथ किसी तरह की सख्ती की गई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा खत्म करने और पूरा वेतन देने का वादा किया था। लेकिन चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया।
अब तक करीब 70 बैठकें हो चुकी
उन्होंने बताया कि सरकार के साथ अब तक करीब 70 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। यूनियन ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 27 जुलाई को पंजाब के सभी बस डिपो पर गेट रैलियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 3, 4 और 5 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करते हुए परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के बाहर धरना दिया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि सरकार या विभागीय प्रबंधन ने किसी भी तरह की सख्ती की तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और विभागीय प्रबंधन की होगी।