प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में चल रही नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के बीच सांसदों से इसके पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
संसद में देर रात तक चली चर्चा
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संशोधन पर संसद में व्यापक चर्चा हो रही है और गुरुवार रात एक बजे तक बहस चली। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान उठे सभी मुद्दों का समाधान कर दिया गया है।
भ्रम दूर करने का दावा
उन्होंने कहा कि संशोधन को लेकर जो भी भ्रम फैलाए गए थे, उन्हें तर्कसंगत जवाब देकर दूर किया गया है। जहां जानकारी का अभाव था, वहां सभी सदस्यों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
चार दशक पुराना मुद्दा
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विषय लगभग चार दशकों से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले।
महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व पर चिंता
उन्होंने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में कम प्रतिनिधित्व उचित नहीं है और इसे सुधारना जरूरी है।
मतदान से पहले सांसदों से अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में जल्द ही इस संशोधन पर मतदान होने की उम्मीद है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए इसके पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया।
नारी शक्ति की भावनाओं का सम्मान करने की अपील
देश की महिलाओं की ओर से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सांसद ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे नारी शक्ति की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाओं की नजर संसद के फैसलों पर है।
अंतरात्मा की आवाज सुनने का संदेश
प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे अपने परिवार की महिलाओं—मां, बहन, बेटी और पत्नी—का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और उसी के आधार पर निर्णय लें।
लोकतंत्र को मजबूत करने का अवसर
उन्होंने इस संशोधन को महिलाओं की सेवा और सम्मान का बड़ा अवसर बताया और कहा कि इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया तो देश की नारी शक्ति और लोकतंत्र दोनों मजबूत होंगे।
ऐतिहासिक क्षण का आह्वान
पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए सभी सांसदों से एकजुट होकर महिलाओं को उनका अधिकार देने और इतिहास रचने की अपील की।