शिमला : हिमाचल प्रदेश में 11 से 19 अक्तूबर तक आयोजित नवरात्रों के दौरान प्रदेश के 7 प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में 10.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर माता का आशीर्वाद लिया। इतनी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन के बावजूद दर्शन और यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित व शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश पुलिस तथा प्रशासन की जमकर सराहना की है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नवरात्रों के दौरान सबसे अधिक 3,95,226 श्रद्धालुओं ने श्री नयना देवी जी मंदिर में दर्शन किए। इसके अतिरिक्त, श्री ज्वालामुखी जी में 1,80,000, श्री चिंतपूर्णी जी में 1,39,000, श्री बाला सुंदरी जी (त्रिलोकपुर) में 1,06,600, श्री चामुंडा देवी जी में 70,500, श्री बज्रेश्वरी देवी जी में 69,400 तथा श्री बगलामुखी जी मंदिर में 65,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इस पूरी अवधि के दौरान इन धार्मिक स्थलों की ओर कुल 1,04,520 वाहनों की सुचारू आवाजाही भी दर्ज की गई।
मंगलवार को शिमला से जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और व्यावसायिक दक्षता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित इन मंदिरों तक पहुंचने वाले संकरे मार्गों और सीमित पार्किंग सुविधाओं के बीच इतनी बड़ी भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर न्यासों और होमगार्ड के बेहतरीन समन्वय व सामूहिक प्रयासों के कारण ही यातायात, भीड़ नियंत्रण और जनसुरक्षा के व्यापक प्रबंध सफल हो सके। उन्होंने विशेष रूप से उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने लंबे समय तक ड्यूटी देकर श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद बनाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों तथा बाहर से आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं से आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस, अग्निशमन या एम्बुलैंस जैसी किसी भी आपातकालीन मदद की आवश्यकता होने पर लोग 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री आपातकालीन हैल्पलाइन ईआरएसएस-112 का उपयोग करें, ताकि समय रहते उन्हें उचित सहायता मिल सके।