पंजाब : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा जहां इसे पंजाब में व्याप्त भय और गैंगस्टर राज के खात्मे की शुरुआत बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इस दौरे पर सवाल खड़े किए हैं। फरीदकोट में समाचार एजेंसी से बात करते हुए पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का पंजाब आना स्वागत योग्य है, क्योंकि वे देश के गृह मंत्री हैं। लेकिन साथ ही उन्हें अपनी जिम्मेदारियां भी ठीक से निभानी चाहिए। उनके अपने राज्य गुजरात में 30-30 करोड़ रुपये की नशीले पदार्थ की खेप पकड़ी जा रही है और यही पंजाब के युवाओं की जान ले रहा है। वहीं, प्रयागराज में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी अमित शाह के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना और रावण का पुतला जलाना अच्छी बात है, लेकिन केंद्र सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा, "नशीले पदार्थों के बुरे असर और उनके फैलाव के खिलाफ आप पंजाब में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं और रावण का पुतला जलाने वाले हैं। लेकिन आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि ये नशीले पदार्थ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से, उन लोगों के जरिए आ रहे हैं जो इन्हें फैलाना चाहते हैं। बीएसएफ और सीआरपीएफ हमारी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। इसलिए आप भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार तो जिम्मेदार है ही, लेकिन आप उनसे भी ज्यादा जिम्मेदार हैं। उनसे इस्तीफा मांगने और उनके खिलाफ बोलने से पहले, आपको खुद अपने इस्तीफे के बारे में सोचना चाहिए और अपने खुद के कामों पर सवाल उठाना चाहिए।"
कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने भी अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा, "वो अपने विभाग का काम क्यों नहीं कर रहे हैं? साबरमती जेल में बंद क्रिमिनल इंटरनेशनल लेवल पर गैंग चला रहा है। दिल्ली में आज क्राइम रेट भयंकर है। एनसीआर में मुरथल, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल और बल्लभगढ़ का बुरा हाल है। तमाम व्यापारियों को धमकाया जाता है, उनसे एक्सटॉर्शन किया जाता है। व्यापारी डर के मारे पलायन कर रहे हैं और बताते भी नहीं क्योंकि वे जानते हैं कि सरकार से संपर्क करने का कोई फायदा नहीं है। मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर धमकाया जा रहा है। आप अपना विभाग संभाल नहीं पा रहे और दूसरों को ज्ञान दे रहे हैं। वे अपने विभाग में खुद ही असफल हैं।"