Wednesday, April 01, 2026
BREAKING
समाज को आगे बढ़ाने के लिए नई सोच और सक्रिय कार्यशैली को अपनाना होगा : विनोद सिंगला अखिलेश हत्याकांड : मुख्य आरोपी विक्रम और केके गौतम बी-वारंट पर हाथरस कोर्ट में पेश हरियाणा में 13246 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों अब से करना होगा ये काम , हर जिले का शेड्यूल जारी CM नायब सैनी के 'हंटर' से बैंक में हड़कंप, नगर निगम का फंसा हुआ 127 करोड़ का फंड रिलीज पंचकूला में संपन्न हुआ वार्षिक चुनाव, विनीता बांगड़ फिर से बनीं हरियाणा नर्सिंग यूनियन की राज्य प्रधान Haryana: हरियाणा में रेल कनैक्टिविटी का नया दौर, इस टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा.... पंजाब में गिरे ओले, सभी जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट! बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी पंजाब में चलेंगी 860 स्पेशल ट्रेनें, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला मूसेवाला का पूर्व मैनेजर शगनप्रीत का पिता गिरफ्तार, 1 करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप विधानसभा : आरडीजी बहाली के लिए सरकार का साथ दे विपक्ष : सुक्खू

राष्ट्रीय

दिल्ली समेत पूरे देश में बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, शर्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

06 अगस्त, 2025 12:43 PM

देश की राजधानी दिल्ली में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दिल्ली में बिजली की दरें बढ़ाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला उन बकाया भुगतानों से जुड़ा है, जो बिजली वितरण कंपनियों को सरकार से मिलने थे।

 

क्या हैं सुप्रीम कोर्ट की शर्तें?
सुप्रीम कोर्ट ने बिजली की कीमतें बढ़ाने की मंजूरी देते हुए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं। कोर्ट ने कहा कि बढ़ोतरी Reasonable and Affordable होनी चाहिए। इसके अलावा कीमतें दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) द्वारा तय की गई सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने DERC को एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह बताया जाए कि बिजली की दरें कैसे, कब और कितनी बढ़ाई जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार ये बढ़ी हुई दरें सभी तरह के उपभोक्ताओं - व्यक्तिगत, आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक पर लागू होंगी।

 

अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा असर
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे देश के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। दरअसल यह मामला बिजली वितरण कंपनियों के Regulatory assets के बकाया भुगतानों को लेकर था। कोर्ट ने सभी लंबित भुगतानों को अगले चार साल के भीतर चुकाने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि जिन राज्यों में लंबे समय से ये भुगतान अटके हुए हैं, वहां भी आने वाले चार सालों में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। नियामक परिसंपत्तियों का मतलब उन बकाया भुगतानों से है, जो बिजली वितरण कंपनियां राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली सप्लाई के बदले मांगती हैं।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

सीजन के अंत में बायर्न म्यूनिख से अलग होंगे राफेल गुएरेरो

सीजन के अंत में बायर्न म्यूनिख से अलग होंगे राफेल गुएरेरो

पीएम मोदी ने बिहार के नालंदा हादसे पर जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा की

पीएम मोदी ने बिहार के नालंदा हादसे पर जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा की

पिछली सरकारों ने बहुमूल्य पांडुलिपियों की उपेक्षा की थी, हम इन गलतियों को सुधार रहेः पीएम मोदी

पिछली सरकारों ने बहुमूल्य पांडुलिपियों की उपेक्षा की थी, हम इन गलतियों को सुधार रहेः पीएम मोदी

सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी का निधन; पीएम मोदी ने दुख जताया

सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी का निधन; पीएम मोदी ने दुख जताया

वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ: 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा नया टैक्स सिस्टम, जानिए और क्या-क्या बदलेगा

वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ: 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा नया टैक्स सिस्टम, जानिए और क्या-क्या बदलेगा

पीएम मोदी ने गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का किया उद्घाटन

भगवान महावीर के विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगेः पीएम मोदी

भगवान महावीर के विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगेः पीएम मोदी

पीएम मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बातचीत, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन साझेदारी पर चर्चा

पीएम मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बातचीत, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन साझेदारी पर चर्चा

हॉकी इंडिया ने की सीनियर महिला नेशनल कोचिंग कैंप की घोषणा, 31 खिलाड़ियों को किया शामिल

हॉकी इंडिया ने की सीनियर महिला नेशनल कोचिंग कैंप की घोषणा, 31 खिलाड़ियों को किया शामिल

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी में 5.2 प्रतिशत रही

भारत की औद्योगिक वृद्धि दर फरवरी में 5.2 प्रतिशत रही