आज के समय में छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में फोन दिखना आम है। पढ़ाई से ले कर एंटरटेनमेंट तक, बच्चे कई कामों के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या हो अगर घंटों तक बच्चे फोन में ही लगे रहें? आजकल कई पेरेंट्स यही शिकायत करते हैं कि उनका बच्चा फोन से हटता ही नहीं है। इससे सिर्फ उसकी मेंटल हेल्थ पर ही असर नहीं पड़ता, बालक फिजिकल हेल्थ भी इफेक्ट होती है। आयुर्वेद कंसल्टेंट डॉ अमरजीत ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए घंटों फोन चलाने के कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया है। अगर आपका बच्चा भी फोन पर काफी समय बिताता है, तो इससे जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। चलिए जानते हैं-
आंखों की कमजोरी
बच्चों का लंबे समय तक फोन की स्क्रीन देखते रहना उनकी आंखों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इससे आंखों में थकान जैसी परेशानी हो सकती है और आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए अगर बच्चा लगातार मोबाइल इस्तेमाल करता है तो उसके स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना जरूरी है। उसे बीच-बीच में मोबाइल से दूर रहने की आदत डालें और लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचाएं।
सिर दर्द और माइग्रेन
मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों में सिर दर्द की समस्या भी शुरू कर सकता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है, जिसका असर सिर पर भी महसूस हो सकता है। कुछ बच्चों में माइग्रेन जैसी परेशानी भी हो सकती है। अगर आपका बच्चा मोबाइल इस्तेमाल करने के बाद बार-बार सिर दर्द की शिकायत करता है तो उसकी इस आदत पर ध्यान दें।
ध्यान और याददाश्त में कमी
डॉक्टर के अनुसार बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल पर बीतने से उनके ध्यान पर भी असर पड़ सकता है। मोबाइल पर वीडियो देखने या गेम खेलने के दौरान बच्चा लंबे समय तक स्क्रीन में लगा रहता है। ऐसे में पढ़ाई या किसी दूसरे काम पर ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए माता-पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा जरूरत से ज्यादा समय मोबाइल पर ना बिताए।
गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दर्द
मोबाइल चलाते समय बच्चे अक्सर गर्दन नीचे करके बैठते हैं। अगर वे काफी देर तक इसी तरह मोबाइल देखते रहें, तो गर्दन और पीठ पर दबाव पड़ सकता है। इससे गर्दन और रीढ़ की हड्डी के आसपास दर्द महसूस हो सकती है। इससे बचने के लिए बच्चे के बैठने के तरीके पर भी ध्यान दें।
नींद की समस्या
मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की नींद को भी प्रभावित कर सकता है। कई बच्चे सोने के समय भी मोबाइल चलाते रहते हैं और वीडियो या गेम में लगे रहते हैं। इससे उनके टाइम टेबल पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही दिमाग इतना एक्टिव हो जाता है कि फिर लेटने पर भी नींद नहीं आती। इसलिए पेरेंट्स को खासतौर पर इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा सोने से पहले फोन इस्तेमाल ना करे।
चिड़चिड़ापन और तनाव
मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के व्यवहार पर भी असर डाल सकता है। कुछ बच्चों में ज्यादा फोन इस्तेमाल के साथ चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी परेशानी देखने को मिल सकती है। खासकर जब उन्हें मोबाइल से दूर किया जाता है, तो वे गुस्सा या परेशान हो सकते हैं। ऐसे में बच्चे को अचानक डांटने या मोबाइल छीनने के बजाय उसकी मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत को धीरे-धीरे नियंत्रित करने की कोशिश करें।