जीरकपुर (अवतार सिंह पाबला) : जीरकपुर के ढकौली थाना क्षेत्र के तहत एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां रात के अंधेरे में खड़ी एक देसी दवाओं की वैन को आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ित ने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व द्वारा पेट्रोल या थिनर छिड़ककर वैन को जानबूझकर आग लगाई गई है। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित धर्मपाल, जो मूल रूप से पंचकूला के रहने वाले हैं, ने बताया कि वह रोजाना की तरह अपनी देसी दवाओं की वैन को जीरकपुर में तय स्थान पर खड़ी करके रात को घर चले गए थे। बीती रात हुई भारी बारिश के बीच, देर रात करीब 12 से 1 बजे के आसपास वैन में अचानक भयानक आग लग गई।
पीड़ित के मुताबिक, यह हादसा कोई साधारण आग का नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रहा है। घटना के समय वैन का गेट खुला हुआ था और उसके शीशे भी टूटे पड़े थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वैन के अंदर रखी भगवान की तस्वीरें और मूर्तियां सुरक्षित बाहर सम्मानपूर्वक रखी हुई थीं, जबकि बाकी सारा कीमती सामान और जड़ी-बूटियां वैन के साथ ही जलकर राख हो गईं। पीड़ित धर्मपाल ने बताया कि वह इन देसी दवाओं और जड़ी-बूटियों को खुद तैयार करते थे, जिसके लिए कई बार उन्हें पहाड़ों से कीमती बूटीयां लानी पड़ती थीं। इस अग्निकांड में वैन सहित उनका करीब 5 से 7 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
स्थानीय निवासियों में डर का माहौल, पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
इस रहस्यमयी घटना के बाद स्थानीय लोगों और शहरवासियों में भारी डर और चिंता का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि अगर भारी बारिश के दौरान भी शरारती तत्व ऐसी वारदातों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं, तो शहरवासियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। शहर के लोगों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि ऐसी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, इसका जवाब दिया जाए। लोगों ने मांग की है कि रात के समय, खासकर सुनसान इलाकों और मुख्य बाजारों में पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) को तुरंत बढ़ाया जाए ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा हो सके।
इसके अलावा स्थानीय निवासियों की मांग है कि शहर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू (वर्किंग कंडीशन) स्थिति में रखा जाए। कई बार देखा गया है कि वारदात के बाद कैमरे खराब मिलते हैं, इसलिए इनकी नियमित चेकिंग बहुत जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने ढकौली पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान करके उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके। पुलिस ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
पिता की मौत के बाद वैन ही थी परिवार का एकमात्र सहारा, अब रोजी-रोटी पर संकट
इस अग्निकांड ने न केवल एक वैन को राख कर दिया, बल्कि एक हंसते-खेलते गरीब परिवार की रोजी-रोटी भी छीन ली। जिस वैन को बेरहमी से आग के हवाले किया गया, उसके मालिक धर्मपाल के सिर से कुछ समय पहले ही पिता का साया उठ गया था। धर्मपाल के पिता इसी वैन पर देसी दवाइयां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
पिता की मृत्यु के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी युवा धर्मपाल के कंधों पर आ गई। वह इसी वैन के सहारे अपनी बुजुर्ग मां और दो जवान बहनों का भरण-पोषण कर रहा था।
घटना के बाद बुरी तरह टूट चुकी धर्मपाल की मां ने रोते हुए बताया, "हमारे घर की रोजी-रोटी इसी वैन के सहारे चलती थी। मुझे अभी अपनी दोनों बेटियों की शादी करनी है, जिसके लिए हम एक-एक पैसा जोड़ रहे थे। लेकिन इस भीषण अग्निकांड ने हमारा सब कुछ उजाड़ दिया।"
पीड़ित परिवार ने रो-रोकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनका परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंचने से बच सके।