गुरदासपुर : बॉर्डर रेंज के डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल के नेतृत्व में गुरुवार तड़के चार बजे से गुरदासपुर जिले में चलाए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने बड़े स्तर पर छापेमारी करते हुए 100 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस अभियान में करीब 20 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि यह बॉर्डर रेंज का तीसरा ऑपरेशन प्रहार है। इससे पहले यह अभियान अमृतसर देहात और बटाला जिले में चलाया जा चुका है। गुरदासपुर में चल रही इस कार्रवाई का नेतृत्व एसएसपी आदित्य कर रहे हैं, जबकि लॉ एंड ऑर्डर विंग की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल और अधिकारियों की भी तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नशा तस्कर, गंभीर अपराधों में वांछित आरोपी, लंबे समय से फरार चल रहे अपराधी तथा पांच घोषित अपराधी (पी.ओ.) भी शामिल हैं। इस दौरान कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई पहले से जुटाई गई मानव खुफिया जानकारी (ह्यूमन इंटेलिजेंस) और सर्विलांस के आधार पर की।
डीआईजी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी के हॉटस्पॉट, गैंगस्टरों के प्रभाव वाले क्षेत्रों तथा ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी से प्रभावित इलाकों में सख्त कार्रवाई करना है। इसके साथ ही गैंगस्टरों और तस्करों के सहयोगियों, उनके करीबी संपर्कों तथा पुराने मामलों में वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों में पहले की तुलना में कमी आई है। पुलिस का एंटी-ड्रोन सिस्टम प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है और जहां भी ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलती है, वहां तुरंत पुलिस टीमें भेजी जाती हैं। इसके चलते कई मौकों पर लावारिस ड्रोन और उनके जरिए गिराई गई खेप बरामद की गई है, जबकि कुछ मामलों में तस्करों की गिरफ्तारी भी संभव हुई है। डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि ऑपरेशन प्रहार आगे भी लगातार जारी रहेगा और सीमावर्ती जिलों में नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों तथा अन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।