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सेहत

गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं के लिए फायदेमंद है व्यायाम, डिप्रेशन और एंग्जायटी होगी कम

20 जुलाई, 2026 04:58 PM

गर्भावस्था और प्रसव के बाद का समय महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण दौर होता है। इस दौरान जहां एक ओर मां बनने की खुशी होती है, वहीं दूसरी ओर शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, थकान, पर्याप्त नींद न मिलना और नवजात की देखभाल की जिम्मेदारियों के कारण कई महिलाओं को तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। एक नए अध्ययन में कहा गया है कि इस दौरान नियमित शारीरिक गतिविधि और हल्का व्यायाम महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है।

'फिजिकल एक्टिविटी एंड पेरिनेटल डिप्रेशन एंड एंग्जायटी: अ ग्लोबल अम्ब्रेला रिव्यू' शीर्षक से प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि गर्भावस्था और प्रसव के आसपास के समय में शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाली महिलाओं में अवसाद और चिंता के लक्षण अपेक्षाकृत कम देखे गए। शोधकर्ताओं के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि मानसिक तनाव कम करने का एक सरल और प्रभावी उपाय हो सकती है।

यह अध्ययन दुनिया भर में प्रकाशित कई पूर्व अध्ययनों की समीक्षा पर आधारित है। शोधकर्ताओं ने वर्ष 2014 से अप्रैल 2026 तक प्रकाशित अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसके लिए उन्होंने पबमेड, एम्बेस, वेब ऑफ साइंस, कोक्रेन लाइब्रेरी, साइकोइन्फो समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा डेटाबेस से जानकारी जुटाई। कुल 4,109 अध्ययनों की समीक्षा के बाद 20 प्रमुख अध्ययनों को विश्लेषण में शामिल किया गया, जिनमें गर्भावस्था और प्रसव के दौरान या बाद में शारीरिक गतिविधि का अवसाद और चिंता पर प्रभाव जांचा गया था।

अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से महिलाओं में अवसाद के लक्षण कम हो सकते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद हल्का व्यायाम महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और सकारात्मक मनोदशा बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

अध्ययन में योग को भी लाभकारी बताया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, योग तनाव कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने चिंता के लक्षणों पर भी शारीरिक गतिविधि के प्रभाव का आकलन किया। अध्ययन में संकेत मिले कि नियमित शारीरिक गतिविधि चिंता को कम करने में भी सहायक हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में ठोस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। कई बार महिलाएं अपनी मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज कर केवल शारीरिक बदलावों पर ध्यान देती हैं। ऐसे में रोजाना थोड़ी देर टहलना, योग करना या अपनी क्षमता के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधि करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है।

 

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