खरड़ (प्रीत पट्टी) : लांडरा रोड स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ माता अंबिका देवी मंदिर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी माता अंबिका देवी जी का पावन मेला 20 अगस्त 2026, दिन गुरुवार को बड़ी श्रद्धा, आस्था एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मेले को लेकर मंदिर प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस अवसर पर खरड़ शहर सहित आसपास के गांवों एवं दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
प्राचीन माता अंबिका देवी मंदिर को क्षेत्र में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। माता अंबिका देवी जी को खरड़ की कुलदेवी के रूप में भी श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। मान्यता है कि मेले के पावन अवसर पर श्रद्धालु माता रानी के चरणों में शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं और माता रानी की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाते हैं।
मंदिर के गद्दीनशीन महंत योगी रामनाथ जी की अध्यक्षता में इस वर्ष भी मेले की तैयारियां की जा रही हैं। योगी रामनाथ जी ने बताया कि यह स्थान सिद्ध पीठ मां आदिशक्ति अंबिका देवी जी का प्राचीन एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और अनादि काल से ही नाथ संप्रदाय की महत्वपूर्ण धार्मिक गद्दियों में इसकी विशेष पहचान रही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को माता अंबिका देवी जी के साथ-साथ सिद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलता है।
नाथ संप्रदाय की प्राचीन परंपरा से जुड़ा है मंदिर
महंत योगी रामनाथ जी ने बताया कि इस पवित्र स्थान का संबंध नाथ संप्रदाय की साधना एवं तपस्या की प्राचीन परंपरा से रहा है। यहां पूर्व में रहे सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी ने भी तप-साधना की और लंबे समय तक इस पावन धाम की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया। सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी की तपस्या एवं माता अंबिका देवी जी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।
माता के चमत्कार से जुड़ी है सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी की कथा
मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार मेले से कुछ समय पूर्व सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी की तबीयत अचानक अत्यधिक खराब हो गई थी। उनकी स्थिति गंभीर होने पर माता अंबिका देवी जी ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद बाबा जी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और वे पुनः स्वस्थ हो गए।
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता रानी की कृपा से बाबा मंगलनाथ जी को नया जीवन मिला। इसके कुछ समय बाद ही बाबा जी ने समाधि ले ली। इसी धार्मिक परंपरा और स्मृति के चलते माता अंबिका देवी जी का मेला अष्टमी के अवसर पर तथा सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी की स्मृति में विशाल भंडारे का आयोजन एकादशी के अवसर पर किया जाता है। यह परंपरा वर्षों से श्रद्धा एवं भक्ति के साथ निभाई जा रही है।
मेले में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
मेला अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, आरती एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु माता के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण करेंगे और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
महंत योगी रामनाथ जी ने समस्त खरड़ शहरवासियों, आसपास के ग्रामीणों एवं देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 20 अगस्त को माता अंबिका देवी जी के पावन दरबार में पहुंचकर अपनी हाजिरी लगाएं, माता रानी के दर्शन करें तथा सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि माता अंबिका देवी जी सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली प्रदान करें। माता रानी के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
स्थान: प्राचीन माता अंबिका देवी मंदिर, डेरा सिद्ध बाबा मंगलनाथ जी, खरड़, पंजाब।
सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं।