बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आज गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश जाएंगे। यह उनके तीन दिवसीय दौरे का आखिरी चरण है। इससे पहले वे असम और नागालैंड के बाढ़ और भूस्खलन वाले इलाकों का जायजा ले चुके हैं।
जेपी नड्डा के कार्यक्रम में अचानक आई बाढ़ और बादल फटने से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शामिल है। वे राहत शिविरों में जाएंगे, टूटी सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को देखेंगे और आपदा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानी सुनेंगे। उनका मकसद राहत, पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को मौके पर समझना है।
कल बुधवार को जेपी नड्डा असम में थे। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के साथ उन्होंने शिवसागर जिले के बिहुबोर और नेपाली खुटी इलाकों का दौरा किया था। यहां बाढ़ से सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है, खेत पानी में डूब गए और मवेशियों का भी काफी नुकसान हुआ है।
लोगों से बात करते हुए जेपी नड्डा ने कहा था कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और पुनर्वास के काम में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया था कि केंद्र की टीम नुकसान का आकलन कर रही है ताकि मदद का काम जल्द शुरू किया जा सके। जेपी नड्डा ने असम के लोगों को भरोसा दिलाया कि पुनर्निर्माण में केंद्र हर संभव मदद करेगा।
असम के बाद जेपी नड्डा नागालैंड पहुंचे। उनके साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री आशोक सिंघल और राज्यसभा सदस्य फांगनोन कोन्याक भी थीं। नागालैंड के मोन जिले में भारी बारिश से कई जगह भूस्खलन हुआ। डिफेंस कॉलोनी और तेचा वार्ड के आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
जेपी नड्डा ने डिफेंस कॉलोनी में टूटे घरों और बंद सड़कों को देखा। उन्होंने कोन्यक यूनियन ऑफिस में रह रहे विस्थापित परिवारों से बात की और जिनके घर वाले इस आपदा में चले गए उनसे मिलकर ढांढस बंधाया।
पीड़ित परिवारों को आश्वासन देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार नागालैंड सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए समय पर मदद और हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी। वहीं, मोन जिले में भूस्खलन से कई घर गिर गए। सड़कों का संपर्क टूटा और कुछ जगहों पर बिजली-पानी की सप्लाई भी बाधित हुई।