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बाज़ार

केंद्र ने 2026 में अब तक सरकारी कंपनियों के ओएफएस के जरिए जुटाए 25,000 करोड़ रुपए

25 जून, 2026 01:59 PM

नई दिल्ली : केंद्र ने सरकारी कंपनियों में ऑफ फॉर सेल (ओएफएस) लाकर 2026 में अब तक 25,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटा ली है। यह बीते एक दशक में सरकार द्वारा ओएफएस के जरिए जुटाई गई सबसे अधिक राशि है। यह जानकारी मार्केट डेटा में दी गई।

प्राइम डेटाबेस के डेटा के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 2026 में आठ सूचीबद्ध पीएसयू में अपनी हिस्सेदारी बेचकर लगभग 25,491 करोड़ रुपए जुटाए। यह 2015 के बाद से पीएसयू ओएफएस इश्यू के जरिए जुटाई गई सबसे बड़ी रकम है। सरकार ने 2015 में पांच लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर लगभग 35,291 करोड़ रुपए जुटाए थे।

प्राइवेट सेक्टर के इश्यू को मिलाकर, इस साल अब तक कुल 24 लिस्टेड कंपनियों ने ओएफएस के जरिए लगभग 29,445 करोड़ रुपए जुटाए हैं।

यह आंकड़ा 2024 में 28 कंपनियों द्वारा जुटाए गए 30,178 करोड़ रुपए के करीब है और साथ ही, यह 2015 में 19 कंपनियों द्वारा जुटाए गए 35,566 करोड़ रुपए के अब तक के उच्चतम से भी बहुत दूर नहीं है।

केंद्र ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएस), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोल इंडिया, एनएचपीसी, एनएलसी इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेची है।

वहीं प्राइवेट सेक्टर में भी ओएफएस मार्केट का इस्तेमाल किया गया है।

जानकारों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू शेयर बाजार में अस्थिरता के बावजूद, ओएफएस लॉन्च के बाद पीएसयू शेयरों का प्रदर्शन आम तौर पर औसत रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि साल की शुरुआत में हिस्सेदारी बेचकर जुटाए गए फंड से खाद्य, उर्वरक और खाना पकाने वाली गैस सब्सिडी से जुड़े अधिक खर्च को वहन करने में मदद मिल सकती है।

हाल ही में विनिवेश किए गए पीएसयू शेयरों में बीएचईएस सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर बनकर उभरा है, जो अपने ओएफएस फ्लोर प्राइस से लगभग 62 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है।

इसकी तुलना में, आईआरएफसी अपने फरवरी के ओएफएस फ्लोर प्राइस से लगभग 3 प्रतिशत नीचे बना हुआ है, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मई में जारी होने के बाद से लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कोल इंडिया और एनएचपीसी अपने-अपने ओएफएस फ्लोर प्राइस से लगभग 9 प्रतिशत ऊपर चढ़े हैं, जबकि एनएससी इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने क्रमशः लगभग 1 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है।

 

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