नई दिल्ली(एजेंसी) : कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने बताया कि कनाडा तीन दशकों में भारत के लिए अपना सबसे बड़ा ट्रेड डेलिगेशन भेज रहा है। इसमें करीब 300 बिजनेस प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो अहम सेक्टरों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशेंगे। दोनों देश कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) पर बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।
एयरोस्पेस से लेकर क्लीन एनर्जी तक फोकस सेक्टर
सिद्धू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अगला पड़ाव: भारत।” उन्होंने बताया कि यह मिशन एयरोस्पेस, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, एग्री-फूड और फॉरेस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। कनाडा दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत के साथ अपने कमर्शियल संबंध और मजबूत करना चाहता है।
CEPA बातचीत को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कनाडा-भारत CEPA व्यापार समझौते पर बातचीत भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसका मकसद कनाडाई कर्मचारियों और व्यवसायों के लिए और ज्यादा मौके खोलना तथा बेहतर मार्केट एक्सेस सुनिश्चित करना है। दोनों देश 2026 के अंत तक CEPA वार्ता पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में ओटावा में CEPA बातचीत का पांचवां दौर भी हुआ था। सिद्धू ने उस दौरान कहा था कि कनाडा भारत के साथ आर्थिक संबंध और गहरा करना चाहता है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
प्रस्तावित समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। सिद्धू ने पहले एक बयान में कहा था कि कनाडा का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से ज्यादा करके 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। उन्होंने ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया है।
भारतीय बाजार में बड़े मौके
कनाडाई कंपनियों को इस नए ट्रेड मिशन से भारत में साझेदारी तलाशने और नए ग्राहकों तक पहुंचने का अच्छा मौका मिलेगा। सिद्धू के अनुसार, भारत की 1.4 अरब से ज्यादा आबादी और तेज आर्थिक वृद्धि कनाडाई व्यवसायों के लिए बड़े अवसर पैदा करती है। मिशन के चुने गए सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, एनर्जी और एग्रीकल्चर समेत कई उद्योगों में विस्तार की दिशा दिखाते हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अगले चरण की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।