नई दिल्ली(एजेंसी) : कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की दोनों से बातचीत हुई है। इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र के हालात और यूक्रेन युद्ध की तेजी से बदलती स्थिति पर चर्चा हुई। कार्नी ने रूस से अमेरिका के मध्यस्थता में ऊर्जा संघर्ष विराम समझौते का पालन करने की अपील की।
मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”सुबह मेरी बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति जेलेंस्की से हुई। दोनों नेताओं के साथ हुई बातचीत में हमने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हालात और यूक्रेन में चल रहे युद्ध की तेजी से बदलती स्थिति पर चर्चा की। राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच जिस नए ऊर्जा संघर्ष विराम की कोशिश की जा रही है, उससे युद्ध का तनाव काफी हद तक कम हो सकता है और हजारों नागरिकों को नुकसान व मुश्किलों से बचाया जा सकता है।”
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ”कनाडा रूस से इस समझौते का पालन करने की अपील करता है। साथ ही, हम अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर यूक्रेन और यूरोप के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करते रहेंगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष को लेकर ‘एनर्जी सीजफायर’ दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी जानकारी दी।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने पोस्ट में लिखा, “अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ (ऊर्जा के मामले में युद्ध विराम) लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें। वहीं, व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि तत्काल प्रभाव से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में ऊर्जा संबंधी युद्ध विराम लागू हो गया है। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों पर रोक लगाता है तो यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर अटैक रोकने को तैयार है।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले यानी शनिवार को यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को अमेरिका में डीजल के भाव बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया था। यही नहीं, उन्होंने जेलेंस्की से हमले रोकने की अपील भी की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अब समय आ गया है जब यूक्रेन को अपना नेता बदल लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि जेलेंस्की ने रूस के साथ समझौते के कई अवसर गंवा दिए हैं।