नई दिल्ली: भारत ने पहली बार 1988 के सियोल ओलंपिक्स में आर्चरी में हिस्सा लिया था। उसके बाद से देश में कई तीरंदाजों ने उम्मीदें जगाईं, लेकिन दुनिया भर में कई प्रतियोगिताओं में स्वर्णिम सफलताओं के बावजूद ओलंपिक्स में इस खेल में भारत का खाता नहीं खुल सका। इस बार पेरिस में भारत के छह तीरंदाज उतरेंगे। एक बार फिर वही सवाल होगा कि क्या इस बार भारतीय तीर निशाने पर लगेगा। दीपिका कुमारी और तरुणदीप राय का यह चौथा ओलंपिक्स है। 40 साल के तरुणदीप ने पहली बार 2004 एथेंस ओलंपिक्स में हिस्सा लिया था। प्रवीण जाधव ने तोक्यो ओलंपिक्स में भी हिस्सा लिया था और मिक्स्ड टीम इवेंट में दीपिका के साथ क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचे थे। दीपिका ने इंडिविजुअल इवेंट में भी क्वॉर्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।
मेंस टीम इवेंट में भी भारत ने अंतिम-8 में जगह बनाई थी। इस बार आगे बढऩे की बारी है। 22 साल के धीरज बोम्मादेवरा ने इस साल वल्र्ड कप में व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज जीतकर उम्मीदें जगाई हैं। इसी तरह 18 साल की भजन कौर तुर्की में ओलंपिक्स क्वॉलिफायर में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। धीरज और भजन से मेडल की उम्मीदें होंगी। हालांकि, ओलंपिक्स का चैलेंज थोड़ा अलग और अधिक कठिन होगा। वहां परंपरागत रूप से सबसे तगड़ी टीम साउथ कोरिया के अलावा मेजबान फ्रांस, अमरीका, ब्राजील, इटली, तुर्की से भारत को कड़ी चुनौती मिलेगी।
भारतीय टीम
मेंस— तरुणदीप राय, धीरज बोम्मादेवरा, प्रवीण जाधव
वूमंस— दीपिका कुमारी, भजन कौर, अंकिता भकत
प्रतियोगिता— 25 जुलाई से चार अगस्त तक
इवेंट— 5 (मेंस इंडिविजुअल+टीम, वूमंस इंडिविजुअल+टीम, मिक्स्ड टीम)
प्रतिभागी— 53 देशों के 128 (64 मेंस, 64 वूमंस)
दांव पर मेडल— 15 (पांच गोल्ड, पांच सिल्वर, पांच ब्रॉन्ज)
खाता खुला, तो मेडल्स की झड़ी लग जाएगी
नई दिल्ली। पेरिस ओलंपिक शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और इसको लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। पेरिस में भारत का शुरुआती इवेंट आर्चरी ही होगा। आर्चरी में पांच मेडल इवेंट होंगे और सभी में भारत अपनी दावेदारी पेश करेगा। इस मौके पर अभिषेक वर्मा ने बातचीत की। वल्र्ड कप और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट (कंपाउंड आर्चरी) अभिषेक वर्मा भले ही इस बार ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने भारतीय टीम के लिए कुछ अच्छी बातें कही हैं। अभिषेक वर्मा ने कहा मुझे पूरा यकीन है कि खेलों के इस महाआयोजन में पदक का सूखा इस बार खत्म हो जाएगा। ओलंपिक में एक बार आर्चरी में खाता खुल गया, तो फिर आगे इस खेल में मेडल्स की झड़ी लग जाएगी।