नई दिल्ली: ईरान के इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच देश छोडक़र भाग सकते हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद खबर आ रही है कि उन्होंने अपना एक ‘एस्केप प्लान’ बनाया है। इस प्लान के तहत देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन अगर और तेज होते हैं, तो वे रूस भाग सकते हैं। ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने यह दावा किया है। ब्रिटिश रिपोर्ट में खामेनेई के इस प्लान को ‘प्लान बी’ बताया गया है। इसके तहत 86 साल के खामेनेई के साथ उनके परिवार और सहयोगियों सहित करीब 20 करीबी लोगों को सुरक्षित बाहर ले जाने की व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्लान में खामेनेई की विशाल संपत्ति नेटवर्क को भी बाहर ले जाने का रास्ता शामिल है।
द टाइम्स ने 2013 की समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस संपत्ति की कुल कीमत करीब 95 अरब डॉलर आंकी गई थी। इसमें ‘सेताद’ संगठन भी शामिल है, जिसे ईरान के सबसे शक्तिशाली संगठनों में गिना जाता है, साथ ही अयातुल्ला से जुड़ी अद्र्ध-राज्य संचालित चैरिटेबल फाउंडेशन का एक सिस्टम भी है, जिन पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
दूतावास ने खबर को बताया फर्जी, निंदा की
इस खबर ने ईरान में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है्र लेकिन ईरान के भारत में दूतावास ने इसे पूरी तरह फर्जी और झूठा करार दिया है। एंबेसी का कहना है कि जब इजऱायल के साथ 12 दिन तक युद्ध चला, तब भी खामनेई ने देश नहीं छोड़ा था, ऐसे में यह दावा कि वे विरोध-प्रदर्शनों के चलते भाग सकते हैं, पूरी तरह से निराधार है। एंबेसी ने इसे दुश्मन देशों द्वारा फैलाया गया झूठ बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
भारतीयों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी
तेहरान। ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारतीय नागरिकों को सलाह दी कि वे अगले आदेश तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। मंत्रालय ने कहा है कि जो भारतीय नागरिक और पीआईओ पहले से ईरान में मौजूद हैं, वे पूरी सावधानी बरतें, विरोध प्रदर्शन या भीड़ वाले इलाकों से दूर रहें। इसके साथ ही भारतीय दूतावास की वेबसाइट को नियमित रूप से देखते रहें।