इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) के एक डेलीगेशन ने कल पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और पत्रकारों के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने के लिए पंजाब पुलिस को एक मेमोरेंडम सौंपा। यूनियन ने राज्य सरकार के इस एक्शन को प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला बताया है।
यूनियन के सेक्रेटरी जनरल बलविंदर जम्मू ने गवर्नर के ध्यान में लाया कि राज्य में प्रेस की आज़ादी को खतरा है और पत्रकारों की आवाज़ दबाने के लिए झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं। जम्मू ने कहा कि पत्रकार लोगों की आवाज़ हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज करना डेमोक्रेसी की भावना को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना या पब्लिक के मुद्दे उठाना कोई क्राइम नहीं है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए सिर्फ पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े मामलों को सामने लाया था, जिससे नाराज़ होकर सरकार ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिए। यह ट्रेंड बहुत चिंताजनक है और मीडिया को डराने की कोशिश की जा रही है। यूनियन ने गवर्नर को मेमोरेंडम देते हुए उनसे अपील की कि वे अपनी पावर का इस्तेमाल करके इस मामले में दखल दें, ताकि पत्रकारों को इंसाफ मिल सके और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके।
यूनियन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार ने ये केस वापस नहीं लिए तो देश भर के पत्रकार संघर्ष करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि प्रेस की आज़ादी के बिना डेमोक्रेसी ज़िंदा नहीं रह सकती और इसकी रक्षा के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर सेक्रेटरी बलबीर सिंह जंदू और नेशनल एग्जीक्यूटिव मेंबर जय सिंह छिब्बर भी मौजूद थे।