मुंबई: श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने सोमवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें अगरकर ने कहा कि सूर्यकुमार के पास अच्छा क्रिकेटिंग दिमाग है और वह टी-20 में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। हमारे लिए कप्तान चुनते वक्त विषय यह था कि हम उस कप्तान को चुनना चाहते थे, जो टीम इंडिया के लिए आने वाले वक्त में लगभग सभी मैच खेले। हमें लगा कि सूर्यकुमार कप्तानी के योग्य हैं और आने वाले समय में देखा जाएगा कि उनका प्रदर्शन कैसा रहता है और वह इस रोल में कैसे ढलते हैं। अगरकर ने हार्दिक को लेकर कहाकि पांड्या अब भी हमारे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण खिलाडिय़ों में से एक हैं। हम चाहते हैं कि वह वो खिलाड़ी बनें, जो वह बन सकते हैं। जो स्किल उनके पास है उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल है। हालांकि, उनके लिए फिटनेस वाकई चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में कोच, चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हमारे पास अगले टी-20 विश्व कप से पहले काफी समय है।
ऐसे में हम कुछ चीजों को आजमाना चाहेंगे और देखेंगे स्थिति कैसी रहती है, लेकिन हार्दिक अब भी हमारे लिए सबसे महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। अगरकर ने यह भी बताया कि कप्तान बदलने का कॉल लेते वक्त हार्दिक और सूर्यकुमार समेत सभी खिलाडिय़ों से बात की गई थी। यानी कि हार्दिक को इस बात का अंदाजा पहले ही लग चुका था। अगरकर ने कहा कि हार्दिक के लिए फिटनेस एक समस्या रही है। सिर्फ फिटनेस नहीं, हमें लगता है कि सूर्यकुमार के पास सफल कप्तान बनने की क्षमता है। दो साल बहुत ज्यादा समय होता है और ऐसे में हमारे पास कुछ ट्राई करने का वक्त है। हम चाहते हैं कि हम उन खिलाडिय़ों को ज्यादा से ज्यादा मौका दें जो हमारे लिए हमेशा उपलब्ध रहते हं। हमें लगता है कि इस रोल में हम हार्दिक को और बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं। हमने इस टी-20 विश्व कप में देखा है कि उन्होंने गेंद और बल्ले से क्या किया। ऐसे में उनका प्रदर्शन टीम के लिए ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, न कि कप्तानी का मसला। हमने इस फैसले के लिए सभी खिलाडिय़ों से बात की थी। अगरकर ने कहा कि सूर्यकुमार की टी20 बल्लेबाजी को लेकर कभी चिंता नहीं रही है। कप्तानी का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया गया था, यह कोई रातोंरात लिया गया फैसला नहीं था। जब टीम में आपकी जगह खतरे में हो तो कोई खिलाड़ी टीम में अपनी जगह को लेकर आसानी महसूस नहीं करता।
उन्होंने कहा कि कप्तानी को लेकर फैसला काफी सोच विचारकर लिया गया है। इसको लेकर काफी विचार लिए गए, ड्रेसिंग रूम से पूछा गया और मुझे लगता है कि सूर्यकुमार इन सभी में खरे उतरे। भारत के भविष्य में तीन अलग-अलग टीमों के साथ खेलने पर गौतम गंभीर ने कहा कि आगे चलकर ये चीजें होती रहेंगी। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि तीन अलग-अलग टीमें होंगी। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा जैसे वल्र्ड क्लास खिलाडिय़ों के संन्यास लेने के साथ ही टी-20 में बदलाव आएगा। जितने अधिक खिलाड़ी सभी प्रारूपों में खेल सकेंगे, उतना बेहतर होगा।
सपोर्ट स्टाफ में ये दिग्गज शामिल
गौतम गंभीर ने टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ को लेकर बड़ी जानकारी दी। गंभीर ने कहा कि पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अभिषेक नायर और नीदरलैंड्स के दिग्गज रयान टेन डोशेट श्रीलंका दौरे पर असिस्टेंट कोच की भूमिका निभाएंगे। वहीं पूर्व भारतीय ऑलराउंडर साईराज बहुतुले इस टूअर पर अंतरिम गेंदबाजी कोच होंगे, जबकि टी. दिलीप फील्डिंग कोच के तौर पर श्रीलंका जाएंगे। गौतम गंभीर ने कहा कि कोचिंग स्टाफ का सार यही है, लेकिन हम श्रीलंका दौरा खत्म होने के बाद इसे अंतिम रूप देंगे। श्रीलंका सीरीज के बाद हमारे पास समय होगा। मुझे खिलाडिय़ों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हां, अभिषेक (नायर) सहायक कोच हैं और रयान टेन डोशेट भी असिस्टेंट कोच है। मुझे उम्मीद है कि अभिषेक और रयान कोच के रूप में सफल रहेंगे।
गंभीर बोले, कोहली से बहुत अच्छे संबंध
विराट कोहली के साथ रिश्तों पर गौतम गंभीर ने कहा कि टीआरपी के लिए यह बहुत अच्छा है, लेकिन उनके साथ मेरा रिश्ता सार्वजनिक नहीं है। मैदान पर, हर कोई अपनी टीम के लिए लड़ेगा। फिलहाल, हम भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मेरे और उनके बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। मुझे उनसे बात करने के कई मौके मिले हैं। यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि हम क्या चर्चा करते हैं। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि हम दोनों को भारत को गौरवान्वित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। वह एक पूर्ण पेशेवर, विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और यह आगे भी जारी रहेगा।
फिटनेस बनी रही, तो अगला वल्र्ड कप खेलेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली
गौतम गंभीर ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने दिखा दिया है कि वे बड़े मंच पर क्या कर सकते हैं। दोनों में अभी बहुत क्रिकेट बाकी है। अगर वे अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं, तो 2027 का विश्व कप भी जीत सकते हैं। वे जो कर सकते हैं, उसे देखते हुए वे अभी भी विश्व स्तरीय हैं और कोई भी टीम उन दोनों को अपने साथ रखना चाहेगी।