उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में मंगलवार को प्रकृति ने विकराल रूप धारण कर लिया, जब धराली गांव समेत तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी। इस आपदा में न केवल जानमाल का भारी नुकसान हुआ, बल्कि भारतीय सेना के शिविर को भी नुकसान पहुंचा है। दर्जनों लोग लापता हैं, और अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
आपदा के बाद गंगोत्री धाम का सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की विशेष समिति गठित कर आपदा प्रबंधन को मजबूत किया है।
धराली समेत इन तीन जगहों पर फटा बादल
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में मंगलवार को प्राकृतिक आपदा ने विकराल रूप ले लिया, जब अलग-अलग तीन जगहों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों ने इलाके में हड़कंप मचा दिया और जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
1. पहली घटना दोपहर लगभग 1:00 बजे हर्षिल के पास स्थित धराली गांव में हुई, जहां बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और क्षेत्र में भारी तबाही मच गई।
2. दूसरी घटना दोपहर 3:00 बजे हर्षिल और गंगनानी के बीच सुक्की टॉप के पास हुई, जिससे क्षेत्र में भारी जलप्रवाह और मलबा बहने की स्थिति बन गई।
3. तीसरी घटना उसी दिन अपराह्न करीब 3:30 बजे हर्षिल के पास भारतीय सेना के कैंप क्षेत्र में हुई, जिससे सेना के कैंप को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
सेना के कैंप को पहुंचा भारी नुकसान
भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया, "उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना में निचले हर्षिल क्षेत्र में एक शिविर से 8-10 भारतीय सेना के जवान लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना में अपने ही लोगों के लापता होने के बावजूद, भारतीय सेना के जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं।"
तीन IAS अधिकारियों की विशेष समिति गठित
उत्तरकाशी ज़िले के भटवाड़ी विकासखंड के ग्राम धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न प्राकृतिक आपदा के मद्देनज़र राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों की एक विशेष समन्वय समिति गठित की है।सरकार द्वारा तात्कालिक प्रभाव से जारी आदेश के तहत, IAS अभिषेक रूहेला, IAS मेहरबान सिंह बिष्ट, और IAS गौरव कुमार को जनपद उत्तरकाशी में तैनात किया गया है। यह तीनों अधिकारी आयुक्त गढ़वाल मंडल के नियंत्रण एवं दिशा-निर्देशों के अंतर्गत कार्य करेंगे।
इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों को तेज़ी और प्रभावशीलता के साथ अंजाम दें।