बिलासपुर : हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और फोरलेन निर्माण कार्य लोगों के सफर में बड़ी बाधा बन गया है। सोलन जिले की सीमा से सटे क्यारड़ क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने के कारण शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर यातायात पूरी तरह से ठप्प हो गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक को तुरंत प्रभाव से वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया है।
नम्होल-राजघाटी मार्ग भी बंद
जानकारी के अनुसार इन दिनों नौणी से भराड़ीघाट के बीच मटौर-शिमला फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार हो रही बारिश और निर्माण कार्य के चलते क्यारड़ के पास साथ लगती पहाड़ी अचानक दरक गई, जिससे भारी मलबा सड़क पर आ गिरा और शिमला का सड़क संपर्क बाधित हो गया। पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का सिलसिला अभी भी जारी है। खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने नम्होल-राजघाटी मार्ग को भी सभी प्रकार के वाहनों के लिए अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया है ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
वाहनों की आवाजाही के लिए नया ट्रैफिक रूट प्लान
क्यारड़ में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण जिला प्रशासन ने तीन अलग-अलग वैकल्पिक रास्तों से ट्रैफिक डायवर्ट किया है। प्रशासन के अनुसार बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहनों को अब ब्रह्मपुखर, जुखाला, जब्बल पुल, रानीकोटला और खारसी होते हुए दाड़लामोड़ मार्ग से भेजा जा रहा है। वहीं, शिमला से मंडी की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, शिमला से वापस बिलासपुर और हमीरपुर आने वाले वाहनों को दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल और घाघस होते हुए बिलासपुर की ओर रवाना किया जा रहा है।
एसपी ने जारी की सख्त एडवाइजरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्यारड़ क्षेत्र में फिलहाल आवाजाही बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। हालांकि, संबंधित विभागों की टीमें मशीनरी के साथ मलबा हटाने और सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं। एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने कहा है कि मार्ग के पूरी तरह बहाल होने तक यही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से विशेष अपील की है कि वे केवल निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें, यातायात पुलिस के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, संकरे रास्तों पर अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को निकलने के लिए पहली प्राथमिकता दें। स्थिति सामान्य होने पर ही प्रशासन द्वारा अगली सूचना जारी की जाएगी।