नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) IPO ने गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर फीकी शुरुआत की। BSE पर NSE का शेयर 1,800 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस से सिर्फ 0.84 प्रतिशत का प्रीमियम है।
बहुप्रतीक्षित NSE IPO 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला था और इसे 5.71 गुना सब्सक्राइब किया गया। इस दौरान 22,568.94 करोड़ रुपये के इश्यू साइज के मुकाबले 90,287.33 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं।
NSE IPO का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की।
NSE IPO, 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था।
इस बीच, NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले तेजी से गिरा। रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार को प्रीमियम घटकर 43 रुपये प्रति शेयर रह गया था।
इश्यू से पहले के स्तर की तुलना में ग्रे मार्केट का रुझान काफी कमजोर हुआ है। उस समय प्रीमियम बढ़कर करीब 145 रुपये प्रति शेयर पहुंच गया था, जो 8 प्रतिशत से अधिक संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा था।
निवेशक श्रेणियों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के हिस्से में सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली और यह 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) का हिस्सा 6.55 गुना, जबकि रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) की श्रेणी 1.39 गुना सब्सक्राइब हुई।
NSE को अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से मिलता है। वित्त वर्ष 2026 में इसके परिचालन से प्राप्त राजस्व में ट्रांजैक्शन चार्ज की हिस्सेदारी 78.65 प्रतिशत रही। इसमें अकेले ऑप्शंस ट्रेडिंग से परिचालन राजस्व का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आया, जो डेरिवेटिव्स गतिविधियों पर एक्सचेंज की निर्भरता को दर्शाता है।
प्रमुख बाजार क्षेत्रों में एक्सचेंज की मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में इक्विटी कैश सेगमेंट में NSE की बाजार हिस्सेदारी करीब 93 प्रतिशत, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 प्रतिशत, प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर इक्विटी ऑप्शंस में 74.71 प्रतिशत और करेंसी फ्यूचर्स में 99.48 प्रतिशत रही। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इक्विटी ऑप्शंस बाजार में इसकी हिस्सेदारी घटकर 68.48 प्रतिशत रह गई।