नई दिल्ली: अप्रैल में ही परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन बिल पास कराने में NDA को हार का सामना करना पड़ा था। तब गठबंधन को जरूरी आंकड़े से करीब 62 वोट कम मिले थे। ऐसे में कहा जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले नंबरगेम में बदलाव हो सकता है। NDA हुई लोकसभा में 300 पार तो INDIA में हाहाकार, इस रूठे दल को मनाने में जुटे
राज्यसभा चुनाव और क्षेत्रीय दलों की टूट के बाद संसद में NDA का कुनबा बढ़ा है। अब खबर है कि इसे लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA में हलचल तेज हो गई है। खबर है कि इसके चलते ही पूर्व सहयोगी दल DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम को मनाने की कवायद जारी है। हाल ही में डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने कहा था कि उनकी पार्टी चुनावी गठबंधन की जरूरत के मुद्दे पर विचार करेगी।
खबर है कि संसद में एनडीए की बढ़ती संख्या के बीच INDIA गठबंधन ने डीएमके की नाराजगी को दूर करने के प्रयास तेज किए हैं। कहा जा रहा है कि गठबंधन के कई नेता डीएमके से बात कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की तरफ से डीएमके को लेफ्ट पार्टियों का उदाहरण दिया जा रहा है।
नंबरगेम ने बढ़ाई हलचल
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद 293 सीटों पर पहुंचा एनडीए अब 300 के पार पहुंच गया है। हालांकि, गठबंधन अब भी दो तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है। ऐसे में निचले सदन में 22 सदस्यों वाली डीएमके का रुख काफी अहम माना जा रहा था। अटकलें थीं कि एनडीए नेता DMK के संपर्क में बने हुए हैं, लेकिन इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया था। राज्यसभा में द्रमुक के 8 सांसद हैं।
एक ओर जहां लोकसभा में दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा 362 है, लेकिन 3 सीटें खाली होने के चलते संख्या 360 पर आ गई है। जबकि, राज्यसभा में इसके लिए 154 सदस्यों का समर्थन चाहिए।
NDA की ताकत कैसे बढ़ी
तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बगावत कर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर एनडीए को समर्थन देकर आंकड़ा 313 पर पहुंचा दिया है। वहीं, शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद शिवसेना में आ गए हैं और संख्या 319 पर पहुंच गई है। अब अगर डीएमके भी मुद्दों के आधार पर एनडीए को समर्थन देता है, तो संख्या 341 पर आ जाएगी।
राज्यसभा में भी आप के राघव चड्ढा समेत 7 सांसद भाजपा में आ चुके हैं। वहीं कुछ समय पहले टीएमसी के 4 सांसदों ने इस्तीफा दिया है। इन 4 सीटों पर भाजपा आसानी से जीत दर्ज कर सकती है। हाल ही में हुए चुनाव में गठबंधन को 19 सीटों पर जीत मिली थी और मिजोरम के एकमात्र सांसद ने भी मुद्दों के आधार पर एनडीए का साथ देने की बात कही है।
अप्रैल में लगा था झटका
बजट सत्र में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर 298 सांसदों का समर्थन हासिल हुआ था। यानी जरूरी 360 से 62 कम। अभी समर्थन को जुटाना राजग के लिए कठिन है, लेकिन सत्र को शुरू होने में लगभग एक माह का समय बाकी है। तब तक कुछ और राजनीतिक उठापटक देखने को मिल सकती है। द्रमुक में भी विधेयक को लेकर मतभेद हैं। ऐसे में राजग उसे साधने की कोशिश करेगा। लोकसभा में राकांपा के 8 सांसद हैं और आम आदमी पार्टी के मामले में आंकड़ा 3 पर है। वहीं झामुमो के पास भी 3 सांसद हैं। ऐसे में इन दलों का रुख भी अहम होगा। कहा यह भी जा रही है कि शरद पवार की पार्टी के सांसद भी एनसीपी के संपर्क में हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा नेता समाजवादी पार्टी में टूट होने की संभावनाएं जता रहे हैं। जबकि, सपा ने इससे इनकार किया है।