मंडी : कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर रातोंरात नियमों में बदलाव कर रही है और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर तरह-तरह के प्रशासनिक व राजनीतिक दबाव बनाकर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन तथा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के पदों पर जबरन कब्जा करने की साजिशें रच रही है। चुनावी नतीजों से सरकार के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। ये आरोप जयराम ठाकुर ने वीरवार को मंडी में सुक्खू सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता और विपक्ष उनके इस षड्यंत्र को कभी कामयाब नहीं होने देंगे। जयराम ने कहा कि पंचायत और स्थानीय नगर निकाय चुनावों के हालिया नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और कार्यप्रणाली से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है।
प्रदेश सरकार ने वापस ली मंडी को मिली आपदा राहत राशि
आपदा प्रबंधन के मुद्दे पर सुक्खू सरकार को घेरते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंडी जिले ने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान सबसे अधिक नुक्सान झेला था, परंतु राहत और पुनर्वास की दिशा में काम करने के बजाय संवेदनहीन सरकार ने इस जिले को आबंटित की गई आपदा राहत राशि को भी वापस ले लिया है। इसी कारण आज यहां के प्रभावित लोग पूरी तरह से रामभरोसे रहने को मजबूर हैं। इससे पूर्व उन्होंने जिला परिषद मंडी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की निर्विरोध विजय के उपलक्ष्य में आयोजित विजय रैली में भाग लिया और नवनिर्वाचित जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं भाजपा के सभी जिला परिषद सदस्यों के साथ बैठक की।
वीरवार सुबह ही जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव से पहले 29 सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिले और मंडी सर्किट हाऊस में बैठक कर अध्यक्ष पद के लिए खिलड़ा वार्ड से सदस्य अमरू राम और उपाध्यक्ष के लिए थाची वार्ड से बोदी देवी के नाम पर सर्वसहमति बनाई। इस मौके पर विधायक अनिल शर्मा, विनोद कुमार, राकेश जम्वाल, इंद्र सिंह गांधी, पूर्ण चंद, दीपराज, दलीप ठाकुर और भाजपा जिलाध्यक्ष निहाल चंद भी उपस्थित रहे।