मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमैंट ने वार्षिक 2 दिवसीय उद्योग सम्मेलन हिमालयन बिजनैस समिट (एचआईबीएस) 2026 के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु व्यावसायिक माडलों, नेतृत्व और सतत विकास में आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका रही। सम्मेलन में देश की अग्रणी कंपनियों रेमंड लिमिटेड, किर्लोस्कर मैनेजमैंट सर्विस, वीडार्ट डिजिटल, एनडीटीवी प्राफिट, रेलिगेयर, डीबीएस बैंक, एसएपी और स्टील अथारिटी आफ इंडिया (सेल) जैसी बड़ी संस्थाओं के वैज्ञानिक शामिल हुए, जिन्हाेंने भारतीय कार्पोरेट क्षेत्र में एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर मंथन किया गया।
शिखर सम्मेलन के दौरान एआई के माध्यम से पारंपरिक भारतीय क्षेत्रों की पुनर्कल्पना, एआई-संचालित विकास के लिए प्रभावी नेतृत्व रणनीतियां और दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा के लिए जिम्मेदार एआई का उपयोग वा चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्यातिथि चित्त रंजन महापात्र निदेशक प्रभारी भिलाई स्टील प्लांट ने अपने संबोधन में तकनीकी क्षमता और व्यावसायिक क्रियान्वयन के बीच के अंतर को कम करने पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान एक केस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने व्यावहारिक व्यावसायिक समस्याओं के लिए एआई-आधारित समाधान पेश किए। आईआईटी मंडी के स्कूल आफ मैनेजमैंट अध्यक्ष प्रो. अंजन स्वैन ने कहा कि भारत अपनी एआई यात्रा के महत्वपूर्ण मोड़ पर है। अब प्रयोग से आगे बढ़कर सार्थक परिणामों के लिए प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने की जरूरत है। एचआईबीएस-2026 इसी संवाद का एक सशक्त मंच है।