भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में सरकार की ऑफर फॉर सेल (OFS) को संस्थागत निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सरकार के आधार (बेस) इश्यू के मुकाबले यह निर्गम 3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन-शू विकल्प का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने मंगलवार को बताया कि संस्थागत निवेशकों की ओर से मिली मजबूत प्रतिक्रिया भारतीय पूंजी बाजार में निवेशकों के भरोसे और बाजार की गहराई को दर्शाती है। उन्होंने खुदरा निवेशकों से भी बुधवार को खुलने वाले OFS में भाग लेने की अपील की।
सरकार ने मंगलवार को गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए OFS खोला, जबकि खुदरा निवेशक बुधवार को बोली लगा सकेंगे। सरकार LIC में 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। इसके साथ 4 प्रतिशत का ग्रीन-शू विकल्प भी रखा गया है, जिससे कुल हिस्सेदारी बिक्री 6.5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
OFS के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने ग्रीन-शू विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला लिया, जिससे अतिरिक्त शेयर भी बेचे जा सकेंगे।
अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि LIC के OFS को संस्थागत निवेशकों से उम्मीद से अधिक समर्थन मिला है और यह बेस इश्यू का 3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ। उन्होंने कहा कि यह निवेशकों के मजबूत विश्वास का संकेत है।
ऑफर फॉर सेल (OFS) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध कंपनी के प्रवर्तक, या सार्वजनिक उपक्रमों के मामले में सरकार, शेयर बाजार के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचती है। इससे सरकार अपनी हिस्सेदारी घटाने के साथ संस्थागत और खुदरा निवेशकों को निवेश का अवसर उपलब्ध कराती है।
सरकार का यह हिस्सेदारी विक्रय न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding – MPS) के लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मई 2022 में LIC की सूचीबद्धता के बाद सरकार की पहली हिस्सेदारी बिक्री है।
इस बीच, मंगलवार को एनएसई पर LIC का शेयर करीब 9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 391 रुपये पर बंद हुआ।