बेंगलुरु में आयोजित हुए HYROX Bengaluru ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। करीब 9,000 लोगों ने इस फिटनेस इवेंट में हिस्सा लेने के लिए ₹9,000 तक की फीस चुकाई, जिससे आयोजकों ने लगभग ₹8 करोड़ की कमाई की। खास बात यह है कि इस इवेंट में कराए गए वर्कआउट-जैसे दौड़ना, वजन उठाना और Basic Exercise-आम तौर पर पार्क या जिम में भी किए जा सकते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने एक नई बहस छेड़ दी है: क्या यह फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है या फिर महज एक स्टेटस सिंबल?
बता दें कि 11 और 12 अप्रैल को बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित अल्ट्राहुमन HYROX में, एडैप्टिव्स श्रेणी के दिव्यांग एथलीटों ने HYROX इंडिया के अब तक के सबसे बड़े आयोजन में सबसे प्रेरणादायक प्रदर्शन किया। इस आयोजन के केंद्र में शालिनी सरस्वती थीं, जो चौगुनी दिव्यांगता से पीड़ित हैं और खेल जगत में दृढ़ता की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। 2012 में, एक दुर्लभ जीवाणु संक्रमण के कारण उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उन्हें अपने चारों अंग गंवाने पड़े। इसके बाद उन्होंने असाधारण वापसी की। उन्होंने राष्ट्रीय पैरा खेलों में 100 मीटर स्प्रिंट में स्वर्ण पदक (2021) और रजत पदक (2022) जीता। शालिनी ने हांग्जो 2023 में आयोजित एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और T62 श्रेणी में ब्लेड पर सबसे तेज महिला धावक के रूप में Asian Record अपने नाम किया है।
HYROX एक वैश्विक फिटनेस रेस है जिसका रोमांचक प्रारूप कार्यात्मक व्यायाम और सहनशक्ति दौड़ का संयोजन है, जिसमें 1 किमी दौड़ के 8 राउंड+1 वर्कआउट स्टेशन शामिल हैं। यह एलीट प्रतियोगियों से लेकर नियमित जिम जाने वालों तक, सभी स्तर के एथलीटों के लिए खुला है। पेशेवर एथलेटिक्स से संन्यास लेने के बाद, HYROX उनका अगला लक्ष्य बन गया। उन्होंने कहा, "पेशेवर एथलेटिक्स से संन्यास लेने के बाद, मुझे एक और लक्ष्य की आवश्यकता थी जिस पर मैं काम कर सकूं, और HYROX सहनशक्ति और ताकत का एक बेहतरीन मिश्रण लगा।"
अल्ट्राहुमन HYROX बेंगलुरु में अपने अनुभव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "मुझे लगभग सभी स्टेशन पसंद आए, लेकिन वॉल बॉल्स मेरे लिए वाकई बहुत मुश्किल थे। स्टेशनों पर स्वयंसेवकों का सहयोग शानदार था और दर्शकों का जोश लाजवाब था, इसी ने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।"
एक दिन में इकट्ठा कर लिया 8.3 करोड़ रुपये
रिपोर्ट के अनुसार, इस फिटनेस इवेंट में लगभग 9,000 प्रतिभागियों ने वर्कआउट में भाग लेने के लिए 100 डॉलर, यानी प्रति व्यक्ति 9,325 रुपये का भुगतान किया। एक दिन में 8.3 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। यह इवेंट ऑनलाइन मजाक का विषय बन गया कि शहरी मध्यम वर्ग ने सिर्फ एक इंस्टाग्राम-लायक फोटो और फिनिशर मेडल के लिए बेसिक इक्विपमेंट पर इतनी भारी रकम खर्च कर दी।
लोगों ने यह भी पूछा कि क्या यह ऐसी चीज नहीं थी जिसे कोई सार्वजनिक पार्क में मुफ्त में हासिल कर सकता था? खासकर तब जब इस 'ट्रेंड' के चलते पड़ोसी राज्यों से भी लोग इसमें शामिल होने के लिए आ रहे थे, जिससे दो दिन के बेसिक वर्कआउट की कुल लागत 20,000 रुपये से अधिक हो गई थी। एक अच्छे जिम की छह महीने की सदस्यता की कीमत भी लगभग इतनी ही होती है।
HYROX क्या है?
HYROX खुद को 'World Series of Fitness Racing' के रूप में प्रस्तुत करता है। यह एक standardized indoor प्रतियोगिता है जिसमें 8 किमी की दौड़ के साथ आठ कार्यात्मक वर्कआउट स्टेशन शामिल हैं। इसका प्रारूप सरल लेकिन चुनौतीपूर्ण है। एथलीट 1 किमी दौड़ पूरी करके वर्कआउट स्टेशन पर पहुंचते हैं और इस क्रम को आठ बार दोहराते हैं।
इन स्टेशनों में आमतौर पर स्कीएर्ग (1,000 मीटर), स्लेज पुश (50 मीटर), स्लेज पुल (50 मीटर), बर्पी ब्रॉड जंप (80 मीटर), रोइंग (1,000 मीटर), फार्मर्स कैरी, सैंडबैग लंग्स और वॉल बॉल्स शामिल होते हैं। चाहे बेंगलुरु में हो या बर्लिन में, सभी हाइरॉक्स इवेंट बड़े प्रदर्शनी हॉलों में आयोजित होते हैं, जिससे विश्व स्तर पर एकरूपता सुनिश्चित होती है। इससे वैश्विक प्रदर्शन की तुलना करना संभव हो पाता है।
HYROX व्यक्तिगत (open or pro), doubles, mixed doubles और रिले के लिए वर्ग प्रदान करता है, जिससे यह रोजमर्रा के फिटनेस के शौकीनों के साथ-साथ गंभीर एथलीटों के लिए भी सुलभ हो जाता है। आयोजक इसे "सभी के लिए एक खेल" बताते हैं, और वर्कआउट में सहनशक्ति, ताकत और मानसिक दृढ़ता का मिश्रण होता है, जो दर्शकों के अनुकूल वातावरण में आयोजित किया जाता है। हालांकि, यह भारत में पहला HYROX आयोजन नहीं था। मुंबई और दिल्ली में पहले भी आयोजन हो चुके हैं, लेकिन बेंगलुरु में पिछले सप्ताह जैसा उत्साह पहले कभी नहीं था।
इस श्रृंखला की शुरुआत मई 2025 में मुंबई में हुई, उसके बाद दिल्ली में और फिर मुंबई में इसका एक और संस्करण आयोजित किया गया। बेंगलुरु 2026 देश में पहली दो दिवसीय दौड़ थी। वैश्विक स्तर पर, हायरोक्स 30 देशों के 85 से अधिक शहरों में आयोजित किया जाता है, जिससे यह दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ती फिटनेस रेसिंग श्रृंखलाओं में से एक बन गई है।