केंद्र सरकार आज गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में देश में अहम बदलाव लाने वाले विधेयक पेश करेगी। यह विधेयक महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से प्रभावी रूप से लागू करने और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित हैं। इनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव है।
क्या है इसका उद्देश्य ?
इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण (33 प्रतिशत ) को लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया को सक्रिय करना है। सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है। सरकार का उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023) को अतिशीघ्र अमली जामा पहनाना है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्राविधान किया गया है। संभव है कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध न करे।
लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के लिए परिसीमन के प्रस्ताव पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव होना तय माना जा रहा है। दक्षिण के राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस आशंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एक समान 50 प्रतिशत होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है और किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता।
हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा
सरकार ने कहा कि 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की सबसे बड़ी मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी। राज्यों के लिए सीटों की संख्या तय नहीं है। हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। आयोग राज्य के सभी दलों से चर्चा के बाद सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।
आज लोकसभा में तीनों विधेयकों पर चर्चा
आज लोकसभा में तीनों विधेयकों पर चर्चा होगी। इसका समय 18 घंटे तय है। 17 अप्रैल को मतदान के साथ लोकसभा में यह प्रक्रिया पूरी होगी। 18 अप्रैल को लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा। उल्लेखनीय है मौजूदा लोकसभा में 543 सीटें हैं।