शिमला : हमारी इच्छाशक्ति बिकाऊ नहीं है। हमने बिना झुके हिमाचली अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। डबल इंजन को पीछे छोड़ सिंगल इंजन सरकार ने प्रदेश को हक दिलाए हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली से लौटने के बाद शिमला में अपने सरकारी आवास ओकओवर में पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने भाजपा को नसीहत दी कि नकारात्मक राजनीति छोड़कर प्रदेश के हितों में सरकार का साथ दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन को पीछे छोड़ सिंगल इंजन सरकार ने हक दिलाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में डबल इंजन सरकार होती तो किशाऊ बांध को लेकर संभवतः उत्तराखंड की तरह कमजोर समझौता करना पड़ता। उन्होंने अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
20 वर्षों में बीबीएमबी से हिमाचल को मिलेगा 15 से 20,000 करोड़ रुपए तक का राजस्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 15 वर्षों से लंबित किशाऊ बांध मामला कांग्रेस सरकार की दृढ़ राजनीतिक और कानूनी इच्छाशक्ति के कारण सिरे चढ़ा, जिससे प्रदेश के अधिकारों की बहाली संभव हुई। उन्होंने दावा किया कि आने वाले 20 वर्षों में बीबीएमबी से हिमाचल को 15 से 20,000 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने आर्थिक पहलुओं को हवाला देते हुए कहा कि यदि बिजली 6 रुपए प्रति यूनिट की दर से बेची जाती है तो प्रदेश को तत्काल लगभग 500 करोड़ रुपए मिलेंगे। सरकार का प्रयास अधिकतम मूल्य प्राप्त करने का रहेगा, जिससे यह वार्षिक आय 1,000 करोड़ रुपए तक पहुंच सके। दीर्घावधि में अगले 2 दशकों के भीतर प्रदेश के खजाने में 15 से 20,000 हजार करोड़ रुपए आने का अनुमान है। उन्होंने इसे अपनी सरकार के 4 वर्ष के कार्यकाल की चौथी बड़ी उपलब्धि बताया। बीबीएमबी बकाया मामले में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करवाकर 15 वर्ष से लंबित हक सुनिश्चित करवाया। वाइल्ड फ्लावर हाल मामला 27 वर्ष से अदालतों में उलझा रहा, इस विवाद को सुलझाकर राजस्व सीधे प्रदेश के खाते में लाया। कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना में 6 फीसदी मुफ्त बिजली राॅयल्टी का अधिकार हासिल किया, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपए मिलेंगे और किशाऊ बांध परियोजना समझौते से आगामी 5 वर्षों में राज्य को लगभग 1,200 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है।
किशाऊ बांध समझौते को रणनीतिक हथियार बनाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह डिक्री करीब डेढ़ दशक से निष्प्रभावी पड़ी थी, क्योंकि पूर्व सरकारों ने इस पर समयबद्ध पैरवी नहीं की। उनके अनुसार इस गतिरोध को तोड़ने के लिए किशाऊ बांध परियोजना को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया। उन्होंने 16 दिसम्बर को स्पष्ट पत्र लिखकर शर्त रखी थी कि जब तक हरियाणा सरकार बीबीएमबी के बकाया भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर नहीं करती, तब तक किशाऊ बांध समझौते पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। हरियाणा की तरफ यह शर्त स्वीकार करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में मामले को निर्णायक मोड़ मिला।
ओकओवर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत
बीबीएमबी में प्रदेश सरकार को मिली जीत पर शिमला पहुंचने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। समर्थकों ने इसे प्रदेश सरकार की ऐतिहासिक जीत बताया है।