शिमला : धर्मशाला में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश की सियासी और प्रशासनिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी 13 नवम्बर को राज्य मंत्रिमंडल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। प्रदेश सचिवालय शिमला में दोपहर बाद 2:30 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक कामकाज, निवेश और जनहित से जुड़े कई बड़े नीतिगत निर्णयों पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है।
यह मंत्रिमंडल बैठक इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके ठीक बाद 16 से 21 नवम्बर के बीच धर्मशाला स्थित तपोवन परिसर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित होने जा रहा है। कुल 6 बैठकों वाले इस सत्र के दौरान सदन के पटल पर लाए जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण संशोधनों और विधेयकों को इस कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जा सकती है। सियासी मायनों में भी यह सत्र ऐतिहासिक रहेगा, क्योंकि यह वर्तमान सरकार के कार्यकाल का अंतिम शीतकालीन सत्र है और अब अगला शीतकालीन सत्र प्रदेश में नई सरकार के गठन के पश्चात ही होगा।
विधायी कार्यों के अतिरिक्त, इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित पेचीदा मामलों पर निर्णय लेने के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमितियों (कैबिनेट सब-कमेटी) की सिफारिशों के आधार पर भी बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगपतियों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार जल्द ही अपनी 'नई औद्योगिक नीति' लाने की तैयारी में है। यदि विभागीय स्तर पर इसके ड्राफ्ट (मसौदे) को समय रहते अंतिम रूप दे दिया गया, तो 13 नवम्बर की बैठक में इसे भी हरी झंडी दी जा सकती है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में की गईं विभिन्न घोषणाओं पर भी कैबिनेट की स्वीकृति की मुहर लगाकर उन्हें अमलीजामा पहनाया जा सकता है।