हमीरपुर : प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। राणा ने मुख्यमंत्री पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, खजाने की बर्बादी और दोहरे मापदंड अपनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को वोट चोरी की नौटंकी करार देते हुए कहा कि यह प्रदेश में हो रही खजाना चोरी से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
हमीरपुर से जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने 8 अक्तूबर को मुख्यमंत्री सुक्खू के दिल्ली दौरे पर सवाल खड़े किए। राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बिना कोई आधिकारिक टूर प्रोग्राम जारी किए, टैक्सपेयर के पैसे से चलने वाले सरकारी हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर दिल्ली में कांग्रेस के राजनीतिक आंदोलन में हिस्सा लेने गए। राणा ने सवाल पूछते हुए कहा कि सरकारी हेलिकॉप्टर को अपनी पार्टी की टैक्सी की तरह इस्तेमाल करना खजाने की चोरी नहीं तो और क्या है? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस चॉपर के तेल का खर्च किस मद से भरा जाएगा और राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सरकारी चॉपर ले जाने की अनुमति किस नियम के तहत ली गई?
राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कुछ माह पहले एक पूर्व सीपीएस/विधायक द्वारा लगाए गए 5 अटैचियों वाले आरोपों को फिर से हवा दी। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इतने गंभीर आरोपों पर न तो कोई स्पष्टीकरण दिया और न ही कोई एफआईआर दर्ज करवाई। राणा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भाजपा नेता सरकार पर कोई आरोप लगाते हैं, तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। लेकिन जब इनकी ही पार्टी के नेता अटैचियों के लेन-देन का आरोप लगाते हैं, तो कोई कानूनी कार्रवाई करने की बजाय सिर्फ नेता को पार्टी से निकालकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती है। यह चुप्पी ही लूट का सबसे बड़ा सबूत है।
राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में वह अपने आकाओं की जी-हजूरी करते हैं और हिमाचल लौटकर केंद्र सरकार द्वारा मदद न देने का झूठा राग अलापते हैं। प्रदेश के वर्तमान आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए राणा ने कहा कि आज हिमाचल भारी कर्ज में डूबा है। सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बजट नहीं है, लेकिन दूसरी तरफ सरकारी विभागों में मित्रों को लूट की खुली छूट दी गई है। यह सरकार नहीं, बल्कि खजाना लूटने वाली मंडली बन चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को दिल्ली में नहीं, बल्कि हिमाचल आकर अपनी ही सरकार के खिलाफ खजाना चोर के नारे लगाने चाहिए।