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Epstein Controversy : मैंडलसन-एप्स्टीन संबंधों के खुलासे के बाद ब्रिटेन में सियासी संकट, खतरे में स्टार्मर की कुर्सी

09 फ़रवरी, 2026 07:56 PM

अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत रहे पीटर मैंडलसन और अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के संबंधों का खुलासा होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। वह लेबर पार्टी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह महज डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद उन्हें पद से न हटाए। रविवार को स्टार्मर के मुख्य सचिव को पद से हटा दिया गया।


इसके अलावा वह लेबर पार्टी के सांसदों का समर्थन भी खोते जा रहे हैं। वह पार्टी में अपनी खोई हुई साख को फिर से हासिल करने के लिए सोमवार को लेबर पार्टी के सांसदों को संबोधित करेंगे। यह राजनीतिक विवाद एस्प्टीन से संबंध होने की बात जानते हुए भी मैंडलसन को 2024 में राजनयिक रूप से सबसे अहम देश माने जाने वाले अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के स्टार्मर के फैसले से जुड़ा है। स्टार्मर ने कुछ ईमेल के जरिये मैंडलसन की एप्स्टीन से दोस्ती की बात सामने आने के बाद सितंबर में उन्हें पद से हटा दिया था। ये ईमेल 2008 के यौन उत्पीड़न मामलों में एप्स्टीन को दोषी ठहराए जाने के बाद प्रकाशित हुए थे।


राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्टार्मर को समझ से काम लेते हुए 72 वर्षीय मैंडेलसन को नियुक्त नहीं करना चाहिए था, जिनका नाम पहले ही कई विवादों और घोटालों में सामने आ चुका था। अमेरिका में जारी की गईं नयी एप्स्टीन फाइल में दोनों के संबंधों से जुड़े और अधिक विवरण सामने आए हैं, जिसके बाद स्टार्मर पर दबाव बढ़ गया है। स्टार्मर ने "मैंडलसन के झूठ पर यकीन करने" के लिए पिछले ससप्ताह माफी मांगी थी। उन्होंने मैंडलसन की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज जारी करने का वादा किया था। सरकार का कहना है कि इन दस्तावेजों से पता चलेगा कि मैंडलसन ने किस तरह अधिकारियों को एप्स्टीन से अपने संबंधों के बारे में गुमराह किया था। स्टार्मर के मुख्य सचिव मॉर्गन मैकस्वीनी ने मैंडलसन की नियुक्ति की जिम्मेदारी लेते हुए रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को वह नियुक्ति करने की सलाह दी थी और मैं उस सलाह की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। साल 2020 में स्टार्मर के लेबर पार्टी के नेता बनने के बाद से मैकस्वीनी उनके सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं। वह जुलाई 2024 में लेबर पार्टी की बड़ी चुनावी जीत के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, पार्टी के अंदर कुछ लोग इसके बाद हुईं कई चूक के लिए उन्हें जिम्मेदार मानते हैं। लेबर पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को उम्मीद है कि मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री को पार्टी और देश का विश्वास दोबारा हासिल करने के लिए समय मिलेगा। वरिष्ठ सांसद एमिली थॉर्नबेरी ने कहा कि मैकस्वीनी एक "विभाजनकारी शख्सियत" बन गए थे।


उन्होंने कहा कि स्टार्मर "काफी मजबूत और स्पष्ट दृष्टिकोण वाले नेता हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने अब तक जितना किया है, उससे थोड़ा और आगे बढ़ने की जरूरत है। वहीं, कुछ अन्य लोगों का कहना है कि मैकस्वीनी के जाने से स्टार्मर कमजोर और अलग-थलग पड़ गए हैं। विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडनॉक ने कहा कि स्टार्मर ने "एक के बाद एक गलत फैसले किए हैं" और फिलहाल वह पद पर कायम रहने लायक नहीं है। ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली के तहत, प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय चुनाव कराए बिना बदला जा सकता है। यदि स्टार्मर को चुनौती दी जाती है या वह इस्तीफा देते हैं, तो लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए चुनाव आयोजित होगा। चुनाव जीतने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाएगा।


कंजर्वेटिव पार्टी के शासन में 2019 से 2024 के राष्ट्रीय चुनावों के बीच तीन बार प्रधानमंत्री बदले गए। इनमें से एक, लिज ट्रस केवल 49 दिन तक प्रधानमंत्री रहीं। इस बीच, राजकुमार विलियम और राजकुमारी कैथरीन ने सोमवार को एक बयान जारी कर जेफ्री एप्स्टीन के अपराधों के शिकार लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की। ब्रिटिश राजपरिवार पूर्व राजकुमार एंड्रयू के एप्स्टीन के साथ संबंधों के मामले से खुद को अलग दिखाने का प्रयास कर रहा है, जिसके तहत विलियम और कैथरीन ने यह प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि वे इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी 30 लाख से अधिक पृष्ठ के दस्तावेजों के बारे में जानकर दंग रह गए। दोनों ने बयान में कहा कि वेल्स के प्रिंस और प्रिंसेस लगातार हो रहे इन खुलासों को लेकर बहुत चिंतित हैं। उनका ध्यान अभी भी पीड़ितों पर केंद्रित है।

 

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