'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए संसद भवन के पास पहुंच गए हैं। वहीं पुलिस ने प्रदर्शकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया था कि सरकार उसे बात कर रही है। इसके बाद सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने अनशन भी तोड़ दिया है। बता दें कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अब भी अनशन पर हैं।
जानकारी के मुताबिक बैरिकेडिंग के बावजूद बहुत सारे प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी जब संसद भवन के पास पहुंच गए तो उनपर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने लगे। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक बहुत सारे प्रदर्शनकारी रेल भवन परिसर में पहुंच गया। एहतियातन मार्च से पहले ही कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंच गए।
संसद भवन के सामने बैठे छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र संसद भवन के सामने सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ छात्रों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया लेकिन कड़ी पुलिस बंदोबस्त के कारण वे बैरिकेड पार नहीं कर सके और फिर सड़क पर अन्य साथियों के धरने पर बैठ गये। पुलिस के समझाने बूझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र वहीं डटे रहे। बाद में पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और वहां छात्रों से बात की लेकिन प्रदशर्नकारी छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारी युवा पीछे हटने को मजबूर हुए। उसके बाद पूरी सड़क को खाली कराया गया।
हिरासत में लिए गए सपा के सांसद
रिपोर्ट्स के मुताबिक समाजवादी पार्टी के कई सांसदों को संसद भवन के अंदर ही हिरासत में लिया गया है। उनमें डिंपल यादव भी शामिल है। सपा ने बयान जारी कर इस कदम को गलत बताया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन परिसर में ही मार्च निकाला था।
गौरतलब है कि सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ धरना प्रदर्शन शुरू किया था। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून को इसी मांग के साथ भूख हड़ताल शुरू की थी। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती करवा दिया, जिसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में कई गुना इजाफा देखने को मिला और हजारों की संख्या में लोग आज पूर्व निर्धारित मार्च में शामिल हुए।