चम्बा : विकास खंड चम्बा में लोगों को डिपो में गुणवत्तापूर्ण खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाने के निर्देश फाइलों में ही दफन हो रहे हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए जा रहे राशन में गुणवत्ता सही नहीं है। इसको लेकर कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं, वहीं अब आटा गुणवत्ता सही नहीं है। रोटियां बनाने के तुरंत बाद सख्त हो रही हैं, जिससे गृहिणियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस संबंध में डिपो संचालक को भी शिकायत की थी, लेकिन निवारण नहीं हुआ है। बता दें कि लोगों को सस्ते राशन डिपो में 12 से 15 रुपए तक प्रतिकिलो आटा अलग-अलग कैटागिरी को प्रदान किया जाता है, जिससे लोगों को महंगाई से राहत मिलती है, लेकिन खराब राशन देकर उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों ने इस संबंध में डिपो संचालक को भी शिकायत दी थी, लेकिन इसके बाद भी शिकायत का निवारण नहीं हुआ है।
शिकयतकर्त्ता दिनेश, जितेंद्र, सीमा, उर्मिला, राकेश, सुरेश, परमजीत, हितेश व अमित का कहना है कि बीते कुछ समय से सरकारी आटे की गुणवत्ता ठीक नहीं आ रही है। इसके कारण उनके घर में रोटियां बनाते समय ही सख्त हो रही हैं। उन्हें डिपो के आटे के साथ दुकान का महंगा आटा मिक्स करके पकाना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी रोटी सही नहीं बन रही है।
हालांकि डिपो के आटे से बनी रोटी खाने से उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन अगर सुबह की बनाई गई रोटी सख्त होने के कारण दोपहर को नहीं खाई जा रही है। ऐसे में सुबह, दोपहर व शाम को बार-बार रोटियां बनानी पड़ रही हैं। इससे पूर्व भी आटे से रोटियां काली होने की भी समस्या पेश आई थी, लेकिन अब वह समस्या ठीक हो गई है।
उन्होंने बताया कि हालांकि इन दिनों सर्दियों का समय है, जिस कारण रोटियां सख्त होना स्वाभाविक हैं, लेकिन बाकी आटे की रोटियां काफी समय पर ठीक रह रही हैं, लेकिन डिपो के आटे की रोटियां सख्त हो रही हैं। लोगों का कहना है कि इन दिनों त्याैहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में महंगाई के साथ आटे की गुणवत्ता ने परेशानी को बढ़ा दिया है। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग से सरकारी डिपो में मिलने वाले गेहूं के आटे की जांच करके सैंपल भरने की मांग की है।
सरकारी डिपो में मिलने वाले आटे के भरे जाएंगे सैंपल : मनोज
खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पैक्टर मनोज चौहान ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। सरकारी डिपो में आटे के सैंपल भरे जाएंगे ताकि आटे की गुणवत्ता की जांच की जा सके। विभाग की तरफ से लगातार सैंपल एकत्रित करके जांच की जा रही है।